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Mahananda Navami : शत्रुओं पर विजय प्राप्त करा सकता है यह व्रत, मिल सकती है दैव कृपा

Mahananda Navami 2026: नंदा देवी हैं शत्रुहंता, भाद्रपद माह शुक्ल पक्ष की नवमी पर पूजा का मिलता है विशेष फल
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Sep 16, 2026
maa nanda
maa nanda- फोटो सोर्स : AI Grok

Mahananda Navami 2026 : सनातन धर्म में माघ, भाद्रपद और मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महानंदा नवमी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की नवमी रविवार यानि 20 सितंबर को है। इसे नंदा नवमी, ताला नवमी या चंद्र नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देवी नंदा (माता पार्वती या दुर्गा का ही एक स्वरूप) की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि महानंदा नवमी पर व्रत रखकर देवी पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। खास बात यह है कि इससे शत्रुओं पर विजय भी प्राप्त होती है।

महानंदा नवमी या चंद्र नवमी का भारत के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में विशेष महत्व है। खासकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में देवी भक्तों के लिए यह दिन आध्यात्मिक रूप से एक सुखद अनुभव का रहता है। मान्यता है कि इस दिन मनोयोग से देवी पूजन से दैव कृपा प्राप्त होती है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इस दिन विधि-विधान से माता पार्वती, देवी नंदा या मां दुर्गा की पूजा करना चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि, शांति आती है और संतान सुख मिलता है। जीवन के घनघोर संकटों और शत्रुओं से मुक्ति के लिए इस दिन व्रत रखकर पूजन करने का विशेष महत्व है।

महानंदा नवमी पूजा विधि:

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि महानंदा नवमी पर सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। संभव हो तो लाल वस्त्र धारण करें। मां के विग्रह, मूर्ति या तस्वीर के समक्ष देशी घी का दीप प्रज्वलित करें। व्रत का संकल्प लेते हुए मां का षोडशोपचार पूजन करें। फल, फूल, सिंदूर के साथ नैवेद्य अर्पित करें। कथा सुनें और मां नंदा देवी, पार्वतीजी या दुर्गाजी की स्तुति करें। रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत तोड़ें।

महानंदा नवमी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

महानंदा नवमी का गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दिन पूजन पाठ से शक्ति और सुरक्षा की देवी, मां नंदा, पार्वती या देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। देवी दुर्गा नकारात्मकता और बुराई के खिलाफ सबसे बड़ी शक्ति हैं। महानंदा नवमी पर आह्वान करने से उनकी दिव्य ऊर्जा से भक्तों को सुरक्षा, खुशी और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

पौराणिक ग्रंथों में महानंदा नवमी के दिन देवी नंदा की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। धर्म ग्रंथों में उन्हें माता पार्वती का ही एक अन्य स्वरूप कहा गया है। मान्यता है कि देवी नंदा शत्रुहंता हैं। उनकी पूजा करने से शत्रु पराजित होते हैं।

Updated on:
16 Sept 2026 05:35 pm
Published on:
16 Sept 2026 05:33 pm