
समुद्र की गहराई में तेल-गैस की तलाश (फोटो- IANS)
Energy Security: भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) अगले तीन साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी देश के समुद्री इलाकों में गहरे और बेहद गहरे पानी में तेल और गैस के भंडार खोजेगी। OIL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत रथ ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
OIL के पास अंडमान, कृष्णा-गोदावरी (KG), महानदी और केरल-कोंकण बेसिन में समुद्री क्षेत्र हैं। कंपनी ने इन इलाकों में करीब 48,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हासिल किया है। इसमें KG बेसिन के दो और महानदी बेसिन के दो ब्लॉक शामिल हैं। इनमें कुछ क्षेत्र बेहद गहरे समुद्र में हैं। कंपनी ने बताया कि इन इलाकों में 2D और 3D भूकंपीय सर्वे पूरा हो चुका है। रथ ने कहा कि कंपनी आठ कुओं की ड्रिलिंग करने की योजना बना रही है। हालांकि, असल संख्या इन फील्ड्स से मिले डेटा के विश्लेषण पर निर्भर करेगी।
सर्वे के मुताबिक, अंडमान बेसिन में श्री विजयपुरम-2 में प्राकृतिक गैस मिलने के संकेत मिले, जबकि श्री विजयपुरम-3 में गैस की खोज हुई और लगातार गैस जलने की जानकारी मिली। कंपनी के मुताबिक इससे इस क्षेत्र में तेल-गैस व्यवस्था सक्रिय होने के संकेत मिलते हैं।
कंपनी का यह अभियान केंद्र सरकार की 'समुद्र मंथन' राष्ट्रीय समुद्री खोज योजना से भी जुड़ा है। केंद्र सरकार ने करीब एक महीने पहले इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत वित्त वर्ष 2031 तक 84,084 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। OIL को उम्मीद है कि उसकी समुद्री खोज गतिविधियों को इस योजना का फायदा मिलेगा।
वित्त वर्ष 2026 में OIL ने 34.50 लाख टन कच्चा तेल और 3.186 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया। इस दौरान कंपनी ने 74 कुएं खोदे, जिनमें 22 खोजी और 52 उत्पादन से जुड़े कुएं थे। कंपनी आगे भी देश में तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने और नए संसाधन खोजने पर ध्यान देगी। OIL ने 2040 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी कंप्रेस्ड बायोगैस, कचरे से ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है।
Updated on:
17 Sept 2026 10:08 pm
Published on:
17 Sept 2026 10:08 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
