UAE Overstay Visa 2026: UAE में फंसे हजारों मुसाफिरों पर अब भारी जुर्माने का संकट मंडरा रहा है। 31 मार्च को वीजा छूट खत्म होते ही भारत, जर्मनी और आयरलैंड समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
UAE Overstay Visa 2026: मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और फ्लाइट रूट बंद होने की वजह से UAE में रहने वाले विदेशी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
31 मार्च 2026 को ओवरस्टे वीजा में मिली अस्थायी छूट आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई। अब हालात यह हैं कि फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण फंसे हुए यात्रियों पर हर दिन 50 दिराम के जुर्माने की मार पड़ने लगी है।
इस कानूनी और आर्थिक संकट को देखते हुए भारत, जर्मनी, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन तेज कर दिए हैं।
जैसे ही वीजा छूट की समय सीमा खत्म हुई, भारत समेत दुनिया के कई देशों ने रेस्क्यू मोड ऑन कर दिया है। भारत सरकार अबू धाबी में अपने दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास के जरिए पूरी जानकारी ली जा रही है।
एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल में बदलाव किया है ताकि बंद हवाई रास्तों के बीच से सुरक्षित रास्ता निकालकर भारतीयों को वतन वापस लाया जा सके।
भारतीय अधिकारी उन लोगों को आपातकालीन वीजा और कानूनी मदद दिलाने में जुटे हैं, जिनके पास अब रुकने का कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है।
सिर्फ भारत ही नहीं, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों के लिए कमर कस ली है। जर्मनी ने लुफ्थांसा और एमिरेट्स के साथ मिलकर विशेष उड़ानों का इंतजाम किया है ताकि फंसे हुए मुसाफिरों को जल्द ही निकाला जा सके।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट से सीधी उड़ने चालू हो गई है। जिसमें बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन देशों की कोशिश है कि उनके नागरिकों को कम से कम वित्तीय नुकसान हो और वे सुरक्षित अपने देश लौट सकें।
31 मार्च के बाद से हालात और भी पेचीदा हो गए हैं। अब हर ओवरस्टे करने वाले शख्स को रोजाना करीब 1100 से 1200 रुपये का जुर्माना भरना होगा।
समस्या यह है कि एक तरफ आसमान पर हवाई पाबंदियों का पहरा है और दूसरी तरफ होटलों का बढ़ता खर्च लोगों की कमर तोड़ रहा है।
कई यात्री ऐसे हैं जो अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि उड़ानों की कमी की वजह से वहां फंसे हुए हैं, लेकिन अब उन पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
तुर्की और फ्रांस जैसे देशों ने इस मामले में कूटनीतिक रास्ता अपनाया है। फ्रांस का विदेश मंत्रालय लगातार UAE प्रशासन के संपर्क में है ताकि तकनीकी कारणों से फंसे नागरिकों पर जुर्माना न लगाया जाए।
वहीं तुर्की ने अपने दूतावास के जरिए उन लोगों को वित्तीय और रसद सहायता पहुंचाई है जिनके पास संसाधनों की कमी हो गई है।
डेनमार्क ने भी अपने नागरिकों को साफ सलाह दी है कि वे बिना घबराए दूतावास के संपर्क में रहें और किसी भी कानूनी उलझन से बचने के लिए सरकारी निर्देशों का पालन करें।