Bharatpur News: जयपुर के SMS अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की ICU में लगी भीषण आग में भरतपुर जिले के 3 लोगों की मौत हो गई। इनमें गोपालगढ़ की रुक्मणि देवी शामिल थीं, जिन्हें दीवाली के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी लेकिन हादसे में उनकी जान चली गई।
SMS Hospital Fire News: राजधानी जयपुर के SMS हॉस्पिटल में रविवार देर रात ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो ICU में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में भरतपुर शहर के 3 लोगों की मौत के बाद से कोहराम मचा हुआ है। इस हादसे में भरतपुर के गोपालगढ़ की रहने वाली रुक्मणि देवी (55) की मौत हो गई।
17 सितंबर को रुक्मणि देवी घर के बाथरूम में गिर गई थीं जिससे सिर में गंभीर चोट लगी थी। पहले उन्हें भरतपुर के IBM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया फिर हालत नाजुक होने पर जयपुर के SMS हॉस्पिटल में रेफर किया गया। कई दिन इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो गया था और डॉक्टरों ने कहा था कि दीपावली के बाद छुट्टी मिल सकती है लेकिन किसे पता था कि पत्नी अब ठीक होकर नहीं कफन में लिपटी आएगी।
परिजनों के मुताबिक, रुक्मणि घरों और स्कूलों में झाड़ू-पोंछा कर अपने दिव्यांग पति का पालन-पोषण कर रही थीं।
दिव्यांग पति रोते-रोते बस एक ही बात रहा था दीपवाली के बाद छुट्टी होती लेकिन अब तो सब खत्म हो गया। परिजन उसे चुप करवाते नजर आए और एक मासूम बच्चा भी आंसू पोंछ रहा था। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गई।
बेटी पूजा ने बताया कि “मां बिल्कुल ठीक थीं। भाई शेरु ने हादसे से पहले अस्पताल प्रशासन को शॉर्ट सर्किट की जानकारी दी थी लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर तुरंत ध्यान दिया होता, तो मां आज जिंदा होतीं।”
हादसे के बाद SDM भारती गुप्ता, ACM राजीव शर्मा, तहसीलदार ताराचंद और पटवारी बृजमोहन रुक्मणि के घर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
वैर क्षेत्र के नगला चरणताल गांव की रहने वाली कुसमा देवी (50) की भी इस आग हादसे में दम घुटने से मौत हो गई। वह कुछ दिन पहले बाइक से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुई थीं। इलाज के लिए उन्हें भी एसएमएस अस्पताल लाया गया था।
वहीं भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र के एक पुरुष श्रीनाथ की भी इस हादसे में मौत हो गई।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार रात लगी आग में अब तक 8 मरीजों की मौत हो चुकी है जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के समय ICU में 11 मरीज थे। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है। 5 मरीज गंभीर हालत में हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। सरकार ने 6 सदस्यीय जांच समिति बनाई है और एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए हैं।