
भरतपुर. पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड को लेकर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेढम ने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि यह निश्चित रूप से आहत करने वाली घटना है। गांववासियों और आरोपियों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इस मुद्दे पर कई बार पंचायतें हुईं और समझाइश भी की गई, लेकिन इसके बावजूद विवाद नहीं सुलझा और आखिरकार यह घटना हो गई।
इसके अलावा विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाने और सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर बेढम ने कहा कि विपक्ष का काम अपनी बात रखना है और सरकार का काम न्याय दिलाना है।
भरतपुर जिले के भौंडा गांव में हुए अतर सिंह मर्डर की जड़ लंबे समय से चला आ रहा खनन और रास्ते का विवाद बताया जा रहा है। भड़ाना की पत्नी कमलेश के नाम पर वहां माइनिंग लीज है और स्टोन क्रेशर प्लांट भी है। इस प्लांट को दोबारा शुरू करने और वहां तक जाने वाले रास्ते को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के बीच काफी समय से तनातनी चल रही थी।
जानाकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर की शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच भड़ाना अपने प्लांट पर पहुंचे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 70 से 80 लोगों की भीड़ ने प्लांट परिसर में हमला किया। भड़ाना पर लाठी-डंडों, पत्थरों और लोहे की सरियों से वार किए गए। उनके निजी सुरक्षा गार्ड गगन शर्मा ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर हालत में उन्हें पहले वैर अस्पताल और फिर जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
बता दें कि 27 सितंबर को भी राज्यमंत्री राज्यम जवाहर सिंह बेढ़म व पूर्व विधायक अतर सिंह भडाना आमने-सामने हो गए थे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित बयाना दौरे से ठीक एक दिन पहले पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म और पूर्व विधायक भड़ाना के बीच नोकझोंक हो गई थी। भड़ाना ने बेढम के सामने नाराजगी जताते हुए कहा था कि उनका फोन नहीं उठाया जाता और मुख्यमंत्री के बयाना कार्यक्रम की जानकारी भी नहीं दी गई।
इस पूरे मामले में लगभग 80 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है जिसमें से पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर, बलदेव गुर्जर और कुमार सिंह गुर्जर के नाम सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं, मुख्य आरोपी मुकेश फौजी समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।