Anirudh Singh-Ashok Gehlot : इस दौरान दिव्या सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भरतपुर राज परिवार के आपसी झगड़े के बीच आग में घी डालने और हमारे जख्मों पर नमक डालने का काम किया।
Bharatpur Former Royal Family Dispute : पूर्व राजपरिवार के विवाद के लिए पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह की पत्नी दिव्या सिंह और बेटे अनिरुद्ध सिंह ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को जिम्मेदार बताया है। पूर्व सांसद दिव्या सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत साहब ने आग में हमारे पारिवारिक झगड़े में घी डालने का काम किया। साथ ही पूछा कि अशोक गहलोत ने मोती महल की सुरक्षा क्यों हटाई थी?
पूर्व राजघराने के विवाद को लेकर हुई पंचायत के बाद बुधवार को पूर्व सांसद दिव्या सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान दिव्या सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भरतपुर राज परिवार के आपसी झगड़े के बीच आग में घी डालने और हमारे जख्मों पर नमक डालने का काम किया। गहलोत के इशारे पर हमारे कॉल रिकार्ड किए गए। मोती महल पर लगे सुरक्षा गार्ड को भी हटाया गया था।
उन्होंने कहा कि गहलोत के शासन काल में हमारे पास थ्रेट कॉल आते हैं। हमने ढाई साल पहले भरतपुर एसपी को भी इस बारे में पत्र लिखकर शिकायत की थी। गहलोत ने ही मोती महल के बाहर सौंदर्यकरण के कामों को रोका। मोती महल से जब सुरक्षा गार्ड को हटाया तो हमने गहलोत से मिलने के लिए कई बार समय मांगा। लेकिन, मुलाकात का समय नहीं मिला। आखिर समझ नहीं आ रहा कि गहलोत साहब हमारे पर्सनल झगड़े में क्यों पड़े? पैंघोर में हुई महापंचायत को लेकर दिव्या सिंह ने कहा कि पंचायत ज्यादा वजूद नहीं रखती है।
अनिरुद्ध सिंह ने विश्वेंद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व राजपरिवार की बेशकीमती प्रॉपर्टी को बेच दिया गया। उन्हें इसकी जानकारी प्रॉपर्टी का बेचान होने के बाद हुई थी। इसमें बांध बारैठा का किशन महल, शिमला की कोठी, माउंट आबू में भरतपुर हाउस, आगरा में हरी पर्वत कोठी, पुष्कर में घाट, गोवर्धन मुकुट मुखारबिंद मंदिर, महारानी श्रीजया गिरिराज मंदिर गोवर्धन, गोवर्धन में पूर्व राजपरिवार की छतरी व मोक्षधाम, गोवर्धन की कोठी, किला परिसर स्थित महल खास को बेच दिया गया।
इधर, कुम्हेर के गांव पैंघोर स्थित चामड़ माता मंदिर पर मंगलवार को बैठक पूर्व प्रधान यदुवीर सिंह कौंरेर की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह, उनकी पत्नी पूर्व सांसद दिव्या सिंह व उनके पुत्र अनिरुद्ध सिंह के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बात की गई। साथ ही मंत्री पुत्र अनिरुद्ध सिंह के सोशल मीडिया पर जाट समाज को लेकर की गई टिप्पणी की निंदा की गई। बैठक के बाद विश्वेंद्र सिंह के समर्थक प्रताप सिंह महरावर के नेतृत्व में उनसे मिले। इसमें बैठक में हुए निर्णय के बारे में अवगत कराया गया। माना जा रहा है कि अब जल्द ही महापंचायत आयोजित होगी। जिसमें पूर्व राजपरिवार के विवाद को सुलझाने पर चर्चा की जाएगी।