
Bharatpur Chandra Bhan Sharma Murder Case: भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में तीन दिन पहले बर्तन व्यापारी चंद्रभान शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद वारदात के मुख्य आरोपी मुकेश उर्फ शैलू को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, सेवर थाना इलाके में तीन दिन पहले रात करीब 10:15 बजे बाइक सवार बदमाशों ने 5 लाख रुपए लूटने के इरादे से बर्तन व्यापारी चंद्रभान शर्मा को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद स्थानीय व्यापारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश था और वे न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे।
पुलिस टीम जब आरोपी को पकड़ने पहुंची, तो दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मुकेश उर्फ शैलू को गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने राहत की सांस ली है।
बताते चलें कि चंद्रभान शर्मा हत्या मामले में कुल तीन आरोपी शामिल थे, जिनमें मुख्य आरोपी मुकेश था और दो अन्य भी शामिल थे, जो डीग के सदर थाने के गांव कसौट के रहने वाले थे। ये लोग नशे के आदी थी, गांजे और सूखे नशे का सेवन करते थे। पूर्व में भी ये लोग मारपीट, झीनाछपटी जैसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
शनिवार (4 जुलाई) की रात करीब 10:15 बजे बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रभान शर्मा को गोली मार दी थी। उन्हें गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। जहां रविवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार को जब मृतक का साला शव लेकर भरतपुर लौट रहा था, तो परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सेवर थाने के पास एंबुलेंस को जबरन कब्जे में ले लिया और शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। परिजन न्याय की मांग को लेकर शव को कलेक्ट्रेट ले जाना चाहते थे।
इस हत्याकांड और पुलिस के रवैये को लेकर स्थानीय व्यापारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। सोमवार को बर्तन बाजार पूरी तरह बंद रहा और व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट पर करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद कलेक्ट्रेट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। बाद में जिला कलेक्टर कमर चौधरी और एसपी राजेश मीणा को ज्ञापन सौंपने और जल्द कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
मृतक की पत्नी मंजू शर्मा ने रोते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, पुलिस ने हमारे परिवार को ही गुनहगार समझकर सताया। अगर पुलिस पहले सक्रिय होती तो मेरे पति की जान बच जाती। मेरी तो दुनिया ही लुट गई। वहीं, मृतक के बेटे केशव शर्मा ने बताया कि पुलिस ने उन्हें ही संदिग्ध मानकर रात डेढ़ बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक पूछताछ की और परिवार के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए थे।