Bharatpur Murder : भरतपुर का नदबई कस्बे में बेखौफ बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चौपड़ा के गले में गोली मारकर हत्या कर दी और जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। गुरुवार को नदबई में जनाक्रोश फूट पड़ा। मृतक का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। सुबह होते ही व्यापारी व सर्व समाज के लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए। घटना को लेकर लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई।
Bharatpur Murder : भरतपुर के नदबई कस्बे का शांत माहौल बुधवार शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बेखौफ बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चौपड़ा की गले में गोली मारकर हत्या कर दी और जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद शहर में गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारी सड़कों पर उतरे आए और पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया।
सर्राफा व्यापारी योगेन्द्र चोपड़ा की हत्या के बाद गुरुवार को नदबई में जनाक्रोश फूट पड़ा। मृतक का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। सुबह होते ही व्यापारी व सर्व समाज के लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए। घटना को लेकर लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी गई। पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल परिसर में भीड़ बनी रही।
विरोध स्वरूप नदबई का पूरा बाजार बंद रहा। व्यापारी संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पत्नी को सरकारी नौकरी व पुत्र को MBBS में प्रवेश दिलाने की मांग रखी गई। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी वहीं कस्बे में तनाव का माहौल है।
बुधवार शाम को सर्राफा व्यापारी योगेंद्र चौपड़ा (45 वर्ष) पुत्र शांति स्वरूप रोजाना की तरह बुधवार शाम करीब 7.15 बजे नगर तिराहे स्थित अपनी दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। पंजाबी मोहल्ले के नजदीक घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने बेहद नजदीक से योगेंद्र चौपड़ा के गले में गोली दाग दी। गोली उनके गले में फंस गई और वे स्कूटी सहित सड़क पर गिर पड़े। बदमाश बड़ी तेजी से योगेंद्र का जेवरात से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल योगेंद्र को नदबई अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारी, परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद लोगों ने मृतक का शव स्ट्रेचर पर रखकर मुख्य बाजार से रैली निकालते हुए थाने तक पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने थाने के सामने धरना देते हुए साफ कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद पहुंचे। पुलिस जाप्ता मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक ने बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
स्थानीय विधायक जगत सिंह ने मोबाइल पर आक्रोशित लोगों से बात की और बदमाशों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक योगेंद्र चौपड़ा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में वृद्ध मां, छोटा भाई, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी योगेंद्र के कंधों पर थी।