
Bharatpur : एक मां ने रात के सन्नाटे में घर के बाहर हो रहे हंगामे को रोकने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला, उसे शायद अंदाजा भी नहीं था कि यह उसका आखिरी कदम साबित होगा। मथुरा गेट थाना क्षेत्र के पटपरा मोहल्ले में देर रात हुए पथराव और धक्का-मुक्की के दौरान 55 वर्षीय सुशीला देवी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने एक सट्टा और अवैध गांजा कारोबारी समेत पांच युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है।
मृतका के बेटे राधारमण ने भरतपुर के मथुरा गेट थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि रविवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे सुनीत पुत्र मुकुटबिहारी, राजू उर्फ राजपाल पुत्र पीतम, टल्ला उर्फ पुष्पेंद्र पुत्र रघुनाथ, देवेन्द्र उर्फ देवू पुत्र पप्पू तथा अन्य लोग लाठी-डंडे और ईट पत्थर लेकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। शोर-शराबा सुनकर सुशीला देवी घर का गेट खोलकर बाहर आई और विवाद रोकने का प्रयास किया।
परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने उनके साथ धक्का मुक्की और मारपीट की। एक जोरदार धक्के से उनका सिर दीवार से टकरा गया और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। उन्हें तत्काल आरबीएम अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। राधारमण का कहना है कि आरोपी सुनीत उसके छोटे भाई जीतू पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बना रहा था। विरोध करने पर वह रंजिश रखने लगा था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी कार से उन्हें कुचलने की कोशिश करते हुए फरार हो गए।
घटना के बाद अस्पताल में भी परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम कराने में करीब तीन घंटे की देरी हुई। साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध सट्टा और गांजा कारोबार की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि झगड़े के दौरान महिला की मौत हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।