
Rajasthan : डीग के सीकरी के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र के मील का मदरसा में शुक्रवार देर शाम सैप्टिक टैंक की जहरीली गैस से बड़ा हादसा हो गया। टैंक में सफाई के दौरान बेहोश हुई छात्राओं को बचाने के प्रयास में एक के बाद एक छात्राएं और एक युवक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर उतर गए। जहरीली गैस की चपेट में आने से हरियाणा के सांगरस निवासी 17 वर्षीय छात्रा रोहिल पुत्री अब्दुल रहीम की मौत हो गई, जबकि 12 छात्राएं और एक युवक अचेत हो गए। सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर छात्राओं को अलवर रेफर किया गया है। शनिवार को अलवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई 13 छात्राओं में से 9 को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 4 छात्राओं का अब भी उपचार जारी है, जिनमें 2 की हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में रखा गया है। वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में सभी काे बेहतर उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उधर, डीग पुलिस ने मामले में मदरसा प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कन्या छात्रावास के सेप्टिक टैंक की निचले तल की सफाई के लिए छात्राओं को ही नीचे उतारा गया। इसी दौरान लकड़ी की सीढ़ी टूटने से कई छात्राएं टैंक में गिर गईं और जहरीली गैस एवं मलबे की चपेट में आ गईं। हादसे में हरियाणा के साकरस निवासी 16 वर्षीय छात्रा रोहिना की मौत हो गई थी। डीग पुलिस अधीक्षक गोपीनाथ कांबले ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पूर्व जानकारी के अनुसार मदरसा परिसर में स्थित सैप्टिक टैंक की एक पट्टी कुछ दिन पहले टूट गई थी। इसके बाद टैंक की मशीनों से सफाई कराई गई थी, लेकिन एक हिस्से में थोड़ा मलबा रह गया था। शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुछ छात्राओं ने स्वयं ही शेष मलबा साफ करने की बात कही और टैंक में उतर गई। अंदर मौजूद जहरीली गैस के प्रभाव से वे बेहोश हो गई।
बताया गया कि पहले छात्राओं को बचाने के लिए अन्य छात्राएं भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के एक-एक कर टैंक में उतरती चली गई। इसी दौरान सभी जहरीली गैस की चपेट में आ गई। छात्राओं को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश निवासी तारिफ पुत्र महबूब भी टैंक में उतरा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया।
मदरसा के मौलवी अरशद ने बताया कि टैंक की अधिकांश सफाई पहले ही मशीनों से कराई जा चुकी थी। बचा हुआ मलबा हटाने के दौरान यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
हादसे में बेहोश होने वालों में होने वालों में समा पुत्री साजिद निवासी जमालगढ़, इक्शा, लानया पुत्र जकरिया निवासी गुलपाड़ा, मनीषा निवासी दिहाड़ा, हमसीरा पुत्री अहमद निवासी दिहाना, असमां पुत्री जाकिर निवासी सिरोली, नाहिदा पुत्री दीन मोहम्मद निवासी कुहडेरा हरियाणा, अफरोस पुत्री इरशाद निवासी डामनियावास सहित अन्य छात्राएं शामिल हैं। बेहोश हुई छात्राओं को उपचार के लिए अलवर ले जाया गया है।
10 घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया, जबकि तीन छात्राओं को सीधे ही अलवर ले जाया गया। मील का मदरसा में करीब 3500 विद्यार्थी तालीम लेते हैं, जिनमें 1500 छात्राएं और करीब 2 हजार छात्र है। पुलिस ने मृत छात्रा के शव की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दे दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
सेप्टिक टैंक हादसे के बाद जिला कलेक्टर मयंक मनीष और एसपी शरण गोपीनाथ कांबले ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद कलेक्टर मयंक मनीष ने बताया कि हादसे में घायल सभी बालिकाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज जारी है।