
डीग। बृजनगर खोड़की रोड स्थित वन बिहारी मंदिर में कीर्तन में शामिल होने गई एक बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार हो गई। कीर्तन समाप्त होने के बाद महिला चींटियों के लिए चुग्गा डालने पोखर की पाल पर पहुंची थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पोखर में जा गिरी। पानी में गिरने के बाद महिला ने मदद के लिए चीख-पुकार शुरू कर दी।
महिला की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए उसे पोखर से बाहर निकाल लिया। पुलिसकर्मियों की तत्परता से बुजुर्ग महिला की जान बच गई। इसके बाद पुलिसकर्मी उसे सुरक्षित उसके घर तक लेकर पहुंचे।
जानकारी के अनुसार विमलेश पत्नी स्वर्गीय कैप्टन नाहर सिंह, निवासी खोड़की रोड बृजनगर, वन बिहारी मंदिर में कीर्तन में शामिल होने गई थीं। कीर्तन खत्म होने के बाद वह पोखर की पाल पर चींटियों के लिए चुग्गा डालने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरीं।
हादसे के समय ही मुड़िया रोड की ओर से एएसआई श्रीराम, कांस्टेबल भैरों सिंह और आकाश गुजर रहे थे। महिला की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को समझते हुए तुरंत पोखर की ओर पहुंचकर महिला को बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित घर पहुंचाया गया।
महिला के परिजनों के मुताबिक, वह मंदिर पर सत्संग में शामिल होने गई थीं। सत्संग के बाद उनके साथ हादसा हो गया, इसकी जानकारी उन्हें तत्काल नहीं थी। पुलिसकर्मियों द्वारा महिला को सुरक्षित घर पहुंचाए जाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और उनका आभार जताया।
परिजनों ने कहा कि संकट के समय पुलिसकर्मियों ने जिस तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह सराहनीय है। महिला की चीख सुनकर समय पर मौके पर पहुंचना और उसे सुरक्षित बाहर निकालना पुलिसकर्मियों की सजगता को दर्शाता है।
समय पर मदद नहीं मिलने पर महिला की स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए कार्रवाई की और महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी पुलिसकर्मियों की तत्परता की चर्चा रही।