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Rajasthan ACB : 30 हज़ार की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया पंचायत समिति का AEN, भरतपुर में बड़ी कार्रवाई  

Bharatpur News : भरतपुर के भुसावर पंचायत समिति में ACB की बड़ी कार्रवाई। माप पुस्तिका और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र सत्यापित करने के एवज में 30,000 रुपये रिश्वत लेते सहायक अभियंता गिरफ्तार।
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भरतपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 15 Sep 2026, 10:34 AM IST

Bharatpur ACB Trap Assistant Engineer Arrested 30000 Bribe Bhusawar

रिश्वत लेते अरेस्ट हुआ सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को एक बड़ी सफलता मिली है। भरतपुर जिले के भुसावर पंचायत समिति में कार्यरत सहायक अभियंता (AEN) गोविंद प्रसाद को ब्यूरो की भरतपुर इकाई ने परिवादी से 30,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई सोमवार, 14 सितंबर 2026 को एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर भरतपुर चौकी टीम द्वारा अंजाम दी गई। आरोपी अधिकारी ठेकेदार से उसकी माप पुस्तिका और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र को सत्यापित कर हस्ताक्षर करने के बदले पैसों की लगातार मांग कर परेशान कर रहा था। पीड़ित द्वारा एसीबी में शिकायत दर्ज कराने के बाद पूरी योजना के तहत ट्रैप बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

सत्यापन में रिश्वत की पुष्टि

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को हाल ही में एक परिवादी (ठेकेदार) और सहपरिवादी की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि पंचायत समिति भुसावर में विकास कार्यों के संपादन के बाद परिवादी की माप पुस्तिका और कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र को सत्यापित कर हस्ताक्षर करने के लिए सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद द्वारा 30,000 रुपये की रिश्वत राशि मांगी जा रही है और रिश्वत न देने पर काम रोकने की धमकी दी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने प्राथमिक तौर पर रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।

ऐसे दिया ट्रेप को अंजाम

एसीबी रेंज भरतपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस (DIG) ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में और एसीबी चौकी भरतपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अमित सिंह के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक महेंद्र सिंह ने किया।

तय रणनीति के अनुसार परिवादी को रिश्वत के 30,000 रुपये लेकर आरोपी सहायक अभियंता गोविंद प्रसाद के पास भेजा गया। जैसे ही भुसावर स्थित पंचायत समिति कार्यालय में आरोपी गोविंद प्रसाद ने परिवादी से रिश्वत की रकम ली और अपने पास रखी, तभी पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी के हाथों से रिश्वत के नोट बरामद किए गए और हाथों के रंग धुलाए जाने पर केमिकल टेस्ट पॉजिटिव आया, जिसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

एसीबी की महानिरीक्षक (IG) एस परिमला के सुपरविजन में आरोपी अधिकारी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है। एसीबी द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कानूनी अनुसंधान किया जा रहा है। कार्रवाई के बाद से ही पंचायत समिति परिसर और आसपास के सरकारी कार्यालयों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

स्थानीय विकास कार्यों में अड़चन और ठेकेदारों की परेशानी

राजस्थान के ग्रामीण और कसबाई इलाकों में स्थानीय निकायों और पंचायत समितियों में ठेकेदारों के बिल पास कराने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर रिश्वतखोरी की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं।

ईमानदार ठेकेदारों पर दबाव: सरकारी विकास योजनाओं का काम पूरा होने के बावजूद भुगतान अटकने से ठेकेदारों और स्थानीय मजदूरों को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।

पारदर्शिता पर सवाल: भुसावर में एईएन की इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित किया है कि निचले स्तर पर बिना रिश्वत के काम कराने में आम नागरिकों और संवेदकों को कितनी समस्याओं से जूझना पड़ता है।

त्वरित कार्रवाई से उम्मीद: एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से भरतपुर जिले के अन्य ठेकेदारों और आम नागरिकों में उम्मीद जगी है कि वे बिना किसी डर के भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

डर से धोखाधड़ी का शिकार न हों : ACB

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी और गाइडलाइन भी साझा की है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एसीबी में कोई प्रकरण, शिकायत, अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होती है, तो वह व्यक्ति सीधे एसीबी कार्यालय में संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण आधिकारिक रूप से प्रस्तुत कर सकता है।

प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण का एसीबी द्वारा निष्पक्ष और विस्तृत विश्लेषण किया जाता है, जिसके बाद ही अनुसंधान में कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है। यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार एसीबी की कार्रवाई के डर का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व या बिचौलिए आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की कोशिश करते हैं। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान: हेल्पलाइन 1064 पर करें शिकायत

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी वैध काम को करने के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत एसीबी को सूचित करें।

टोल फ्री नंबर: नागरिक 24X7 काम करने वाले टोल फ्री नंबर 1064 पर कॉल कर सकते हैं।

व्हाट्सएप हेल्पलाइन: इसके अलावा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर भी मैसेज या रिकॉर्डिंग भेजकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

पूर्ण सहायता का भरोसा: एसीबी ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और उनके जायज व वैध कार्य को पूरा करवाने में ब्यूरो द्वारा पूरी सहायता प्रदान की जाएगी।

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