
Bharatpur: सांकेतिक तस्वीर (फोटो-एआई)
भरतपुर। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि हर महीने 10 हजार रुपए की ‘मंथली’ देने से इनकार करने पर 16 वर्षीय किशोर को पुलिसकर्मियों ने पहले कथित तौर पर पीटा और फिर उसकी जेब में देसी कट्टा रखकर अवैध हथियार की बरामदगी का वीडियो बना दिया। किशोर के खिलाफ हथियार का मामला दर्ज होने के बाद परिजन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर भरतपुर के मथुरा गेट थाने में 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले में डीएसटी के पांच पुलिसकर्मियों, मथुरा गेट थाने के एक एएसआई और एक अन्य पुलिसकर्मी को आरोपी बनाया गया है। आरोप मारपीट, कथित रंगदारी वसूली और नाबालिग को झूठे हथियार के मामले में फंसाने से जुड़े हैं। मामले की जांच अटलबंद थानाधिकारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है।
नाबालिग की बुआ ने न्यायालय में दी शिकायत में बताया कि उसके भतीजे ने दिसंबर में भरतपुर में किराये की कारों का कारोबार शुरू किया था। आरोप है कि कारोबार शुरू करने के कुछ समय बाद डीएसटी का कांस्टेबल दशरथ उसके कार्यालय पहुंचा और हर महीने 10 हजार रुपए देने की मांग की।
शिकायत के अनुसार, डर के कारण किशोर ने लगातार तीन महीने तक रकम दी। बाद में कारोबार में घाटा होने के कारण उसने काम बंद कर दिया। इसके बावजूद कथित तौर पर पैसों की मांग जारी रही। रकम देने से इनकार करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के मुताबिक 21 अगस्त की सुबह किशोर अपने दोस्तों के साथ खाटूश्यामजी से भरतपुर लौट रहा था। रास्ते में कार पंचर होने के कारण वह एक चाय की दुकान पर रुका। इसी दौरान डीएसटी के दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दशरथ के बुलाने की बात कहकर किशोर को अपने साथ ले लिया।
परिजन का आरोप है कि उसे डीएसटी कार्यालय ले जाकर पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने पट्टों, लात और घूंसों से पीटा। एक पुलिसकर्मी द्वारा उसके पैरों पर खड़े होने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है।
शिकायत में आगे बताया गया कि शाम के समय एएसआई शिवलाल दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि किशोर के चेहरे पर कपड़ा बांधकर उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां एक पुलिसकर्मी ने थैले से देसी कट्टा निकालकर उसके पैर पर रखा और कथित तौर पर धमकी दी कि पुलिस के मुताबिक वीडियो में बयान नहीं देने पर गोली मार दी जाएगी।
इसके बाद आरोप है कि कट्टा किशोर की पैंट में फंसा दिया गया और तलाशी का नाटक करते हुए हथियार बरामदगी का वीडियो बनाया गया। इसी आधार पर 21 अगस्त को उसके खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
परिजनों को मामले की जानकारी मिलने के बाद वे थाने पहुंचे और किशोर की जमानत कराई। घर पहुंचने पर उसके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिजन ने न्यायालय की शरण ली। एसीजेएम कोर्ट ने मामले में मथुरा गेट थानाधिकारी को तलब करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
मथुरा गेट थानाधिकारी हरलाल मीणा के अनुसार, शिकायत के आधार पर डीएसटी के दशरथ, अंकित, सत्यवीर, हरिओम, अभिमन्यु, एएसआई शिवलाल सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी अटलबंद थानाधिकारी हेमेंद्र चौधरी हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद डीएसटी की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया है कि टीम में लंबे समय से तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। हालांकि, इन पुराने आरोपों और मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Updated on:
12 Sept 2026 10:47 pm
Published on:
12 Sept 2026 10:47 pm
