
डीग. गांव परमदरा में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के विवाद में करीब दो वर्ष पूर्व बलराम गुर्जर की हत्या के नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर 29 दिन से धरना जारी है। बुधवार को सुबह लगभग 7 बजे से ग्रामीणों ने परमदरा रोड़ पर जाम लगा दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर सीओ कामां दिनेश तंवर, सीआई पहाड़ी नेकीराम, सीआई कामां विनोद एवं खोह थानाधिकारी प्रेमसिंह भास्कर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणो से जाम हटाने की अपील की, लेकिन ग्रामीण अड़े रहे। मौके पर अधिकारियों ने जाम की सूचना डीआईजी लक्ष्मण गौड़ को दी। बलराम के भाई रज्जो उर्फ राजेश ने बताया कि ग्रामीणों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल एसएचओ खोह के साथ डीआईजी से मिलने भरतपुर पहुंचा। यहां डीआईजी ने ग्रामीणों को जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीणों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि बलराम पुत्र सुगन सिंह की गांव के नामजद व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या की थी, लेकिन जांच अधिकारियों ने इन आरोपियों को मुकदमें से निकालकर भीड़ में शामिल किया और अन्य लोगों को फंसा दिया है। इस मामले की तीन पुलिस अधिकारियों ने अलग-अगल जांच की, उन्होंने जांच को निष्पक्षता पूर्ण नहीं करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पीडि़त पक्ष आरोपियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है। गौरतलब है कि ग्रामीणों ने 9 अगस्त को भी रोड़ जाम किया था। उस दिन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय अग्रवाल डीग दौंरे पर आए थे। उन्हें ज्ञापन सौंपा था। इस पर एडीजे ने न्याय दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसएचओं खोह भास्कर ने बताया कि ग्रामीणों का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल बलराम के भाई राजेश के नेतृत्व मे डीआईजी भरतपुर से मिला था। ग्रामीणों से समझाइश की शाम 7 बजे जाम खुलवा दिया। राजेश ने बताया कि गुरुवार को एसपी भरतपुर हैदर अली जैदी ने वार्ता के लिए बुलाया है। जाम हटा लिया गया है, लेकिन धरना जारी रहेगा।