
भरतपुर ।
राजस्थान में चल रहे तूफानी अलर्ट के बाद जिलों में इसका प्रकोप देखने को मिला। प्रदेश के भरतपुर जिलें में अंधड़ ने एक बार फिर अपना भयानक रूप दिखा दिया। भरतपुर में आए तेज अंधड़ से निर्माणाधीन शौचालय गिर गया और तीन लोग घायल हो गए। पिछली बार भरतपुर में आए तूफान से भी जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया था। 2 मई के तूफान के बाद प्रदेश में करीब 42 लोगों की मौत और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
हाल ही में भरतपुर में नमक कटरा स्थित बैराग पुरा मोहल्ला में अंधड़ के दौरान दूसरी मंजिल पर निर्माणाधीन शौचालय गिरने से मकान मालिक सहित दो मजदूर घायल हो गए। घायलों को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। टुंडा पुत्र चरणजीत लाल कि नमक कटरा स्थित बैरक पूरा मोहल्ला में दूसरी मंजिल पर शौचालय बनाने का काम चल रहा था। उसी दौरान तेज अंधड़ आने से नमक कटरा निवासी मिस्त्री झम्मन पुत्र छत्रपाल 52 वर्ष एवं उसके साथ दिलदार राकेश पुत्र जगदीश बड़ा वास कोडिया मोहल्ला भरतपुर एवं मकान मालिक टुण्ड़ा पुत्र चरनजीत लाल 40 वर्ष घायल हो गए। हादसे के दौरान आस-पास के लोगों की मदद से मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को कोतवाली पुलिस एवं 108 की मदद से निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार जारी है।
अभी भी बना हुआ है तूफान का खतरा
प्रदेश में अभी भी तूफान का अलर्ट जारी किया हुआ है। हाल ही में मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी का असर शनिवार को देखने को मिला। प्रदेश के कुछ भागों में मौसम ने करवट ली और आंधी के साथ बारिश की बूंदों ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो-तीन दिन प्रदेश के पूर्वोत्तर इलाकों के कुछ भागों में Dust Storm और Thunderstorm का अनुमान है। विभाग ने अगले 48 घंटे बाद अरब सागर में निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने की संभावना भी जताई जिसके चलते दो दिन बाद प्रदेश के दक्षिण पश्चिमी इलाकों में छितराई बारिश होने की संभावना है। वहीं मथुरा में शनिवार को तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी तरफ तेज आंधी लोगों के लिए कहर बनकर टूट पड़ी।