भरतपुर

नेत्रहीन गाय की सेवा से नए प्रयोग कर रोल मॉडल बना किसान गोपाल

-कुम्हेर के गांव बावैन निवासी अनपढ़ किसान की कहानी
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Oct 20, 2021
नेत्रहीन गाय की सेवा से नए प्रयोग कर रोल मॉडल बना किसान गोपाल
नेत्रहीन गाय की सेवा से नए प्रयोग कर रोल मॉडल बना किसान गोपाल

भरतपुर. वह अनपढ़ अवश्य है, लेकिन अगर उसके गांव जाकर उसकी नई तकनीक व सेवा भाव को देखा जाए तो पढ़े लिखे भी कुछ नहीं है। कुम्हेर के गांव बावैन के किसान गोपाल की कहानी भी प्रेरणा से कम नहीं है। जहां आजकल दुधारू पशु के शरीर में थोड़ी भी परेशानी होने पर पशुपालक उसे बेचने से नहीं चूकता है, वहीं किसान गोपाल ने नेत्रहीन गाय की सेवा के साथ बड़ा मुकाम पाया है। वह पिछले 10 साल से गायों की सेवा कर रहे हैं।
किसान गोपाल बताते हैं कि कुछ साल पहले अचानक ख्याल आया कि स्वस्थ गाय की सेवा सभी करते हैं, क्यों न किसी न किसी रूप से निशक्त गाय की सेवा करनी चाहिए। इसलिए एक नेत्रहीन गाय लेकर आया और उसकी सेवा शुरू की। गाय ने एक बछड़े को जन्म दिया और वह 30 लीटर दूध देने लगी। इसके बाद गोपाल ने भैंस बेचकर और गाय खरीदकर पालना शुरू कर दिया। आज 34 गाय पाल रहे हैं।

गाय के मूत्र व गोबर से प्राकृतिक खेती

गोपाल ने गाय के मूत्र एवं गोबर से प्राकृतिक खेती प्रारंभ कर खाद्यान्नों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार कर लिया। इसने गोपाल को प्रभावित किया उसने अपनी पूरी जमीन पर ही प्राकृतिक खेती आरंभ कर दी। गांव से दूर खेत पर घर बनाकर बिना बिजली के रह रहे गोपाल ने गाय के गोबर से एक गोबर गैस का प्लांट लगवाया। इससे घर में रोशनी व रसोई का काम आसान हो गया।

शौचालय के टैंक की गैस से बना दी बिजली

प्रकृति प्रेमी और वैज्ञानिक सोच वाले गोपाल ने मानव मल से भी गैस उत्पादन प्रारंभ कर लिया है। शौचालय के वेंट पाइप द्वार गैस से वह अपना इंजन चलाता है वह बिजली उत्पादन करता है। लुपिन फाउंडेशन ने गोपाल को सोलर लाइट और चारे कुटाई की मशीन अनुदान पर दिलाई। विपरीत परिस्थिति भी गोपाल को रोक नहीं सकी। खारे पानी के कारण खेती करना मुश्किल था तो गोपाल ने अपने खेत में फार्म पॉन्ड बनवाकर बोरवेल को मीठे स्रोत में बदल दिया। अब मीठे पानी से सिंचाई से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों ओर बढ़ गए हैं।

इनका कहना है

-यदि हमारे किसान इस मॉडल को अपनाते हैं तो वर्तमान में चल रहे खाद की किल्लत के संकट की स्थिति ही पैदा न हो और गाय की हो रही दुर्दशा से भी निजात मिल सकती है।

सीताराम गुप्ता, संयोजक समृद्ध भारत

Updated on:
20 Oct 2021 05:50 pm
Published on:
20 Oct 2021 05:50 pm
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