भरतपुर

Exclusive जगन गुर्जर हत्याकांड के आरोपी विष्णु के पिता के छलके आंसू, बोले-काश जन्म लेते ही मर जाता

Jagan Gurjar Murder Case : जैसा करेगा, वो वैसा भरेगा। काश जनम लेते ही मर जाता तो सिर्फ मलाल होता। इतना कहते ही कुलदीप जघीना व जगन गुर्जर हत्याकांड के मुख्य आरोपी विष्णु अजान के पिता रामबाबू सिंह के आंसू छलक पड़े।
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Jun 30, 2026
jagan gurjar murder case
jagan gurjar murder case। photo Patrika

Jagan Gurjar Murder Case : भरतपुर। पता नहीं था जिसके जन्म पर परिवार ने खुशियां मनाई, वो बड़ा होकर पूरे परिवार को समाज के सामने नीचा दिखाएगा और खून के आंसू रुलाएगा। पता नहीं ईश्वर किस गलत कर्म की सजा परिवार को दे रहा है। मैं ऐसे बेटे के लिए कोई वकील नहीं करूंगा। जैसा करेगा, वो वैसा भरेगा। काश जनम लेते ही मर जाता तो सिर्फ मलाल होता। इतना कहते ही कुलदीप जघीना व जगन गुर्जर हत्याकांड के मुख्य आरोपी विष्णु अजान के पिता रामबाबू सिंह के आंसू छलक पड़े। ज्ञात रहे कि विष्णु पूर्व में भरतपुर जिले का हिस्सा रहे व वर्तमान में डीग जिले के उद्योगनगर थाने के गांव अजान का निवासी है। पत्रिका ने पड़ताल की तो विष्णु के गांव में कुछ खुलासे हुए।

पिता रामबाबू बताते हैं कि विष्णु ने गांव के ही स्कूल से तीसरी पास विष्णु शुरू से ही अपराध की दुनिया में पैर रख चुका था। घर का ऐसा कोई भी सदस्य ऐसा नहीं था, जिसने उसे नहीं समझाया हो। बाद में नहीं समझा तो गांव के सरपंच के पास ले गए। उसने भी समझाया, लेकिन वहां पर भी उसकी समझ में नहीं आया। गांव से भरतपुर मजदूरी करने की कहकर जाता था। लेकिन वहां पर अपराधियों की संगत में पड़ गया। इसके बाद वह बड़ा अपराधी बन गया। तीन साल में एक बार मैं उससे जेल में मिलने गया था।

भरतपुर.अजान गांव विष्णु जाट का आवास ।

उसके लिए उसका मैसेज आया था कि वह रो रहा है और कह रहा है कि अब अपराध नहीं करूंगा। इसके बाद मैं उससे मिलने गया। वहां उसने अपराध न करने की कसम खाई थी, लेकिन उसने इससे बड़ा अपराध कर दिया। जो जैसा करेगा वह वैसा ही भरेगा। अब उससे मिलने कभी नहीं जाऊंगा। न ही कोई वकील करेंगे। हमारा उससे कोई भी संबंध नहीं है। हमारी आर्थिक स्थिति खराब है। एक बीघा जमीन है। मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। विष्णु की ताई रतन देई ने बताया कि हमारे लिए तो मर गया है। इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। चचेरे भाई ने बताया कि उसने गलत किया है। हमने खूब समझाया, लेकिन वह नहीं समझा।

भरतपुर.सूना पड़ा अजान गांव।

…मजदूरी पर निर्भर परिवार, हर दिन खरीदते हैं आटा

गांव अजान के वीरपाल ने बताया कि विष्णु समेत तीन भाई है। अन्य दो भाई भी मजदूरी करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति खराब है। पिता रामबाबू, ताऊ दयाराम मकान के मिस्त्री का काम कर घर का गुजारा करते हैं। वहीं भाई पिलऊआ व अजीत मजदूरी करते हैं। घर की स्थिति बहुत ही खराब है। प्रतिदिन घर का आटा खरीदकर लाते हैं, फिर जाकर रोटी बनाते है।

पशुओं की जंजीर चोरी करता था

पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि विष्णु की शुरुआत में गांव की भैंसों की पोखर के पास जंजीर खोलकर ले जाया करता था। उन्हें कबाड़े में ले जाकर बेच देता था। ताकि नशे का शौक पूरा किया जा सके। इसको लेकर कितनी ही उसकी पिटाई तक की गई। गांव में बार-बार अपमानित होने के बाद उसने शहर में जाकर बाइकों की चोरी शुरू कर दी। पांच-छह मामलों में शामिल होने के कारण वह गिरफ्तार हुआ व वर्ष 2023 में सेवर जेल गया। जहां उसकी मुलाकात कृपाल गैंग के सदस्यों के साथ हुई। जहां उसकी दोस्ती उस गैंग से हो गई। ऐसे में गैंग ने उसकी जमानत व रहने-खाने व शौक पूरे करने का खर्च का जिम्मा लिया।

जमानत कराने के बाद वह 14-15 दिन कृपाल के घर में ही रहा। कृपाल गैंग के सदस्य रविंद्र, आदित्य, पंकज, लॉकी उसे 11 जुलाई को जयपुर लेकर गए। जहां उसे गांजा पिलाया। उसे बताया कि कुलदीप जघीना को पुलिस पेशी पर लेकर बस से आएगी। उसे रैकी करनी है।

भरतपुर.अजान गांव विष्णु जाट का आवास।

12 जुलाई 2023 को उसी बस में विष्णु को बैठा दिया। विष्णु ने ही गैंग के अन्य सदस्यों को पल-पल की सूचना दी। आमोली टोल प्लाजा पर अन्य सदस्यों के आने के बाद सबसे पहले गोली विष्णु ने ही कुलदीप में मारी थी। कुछ माह पहले अजान के ही एक सरपंच के दावेदार को लेकर भी फोन पर किसी को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद दो युवकों की भी गिरफ्तारी हुई थी।

मई 2024 में भी अजमेर जेल में रची साजिश

मई 2024 में भी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से मोबाइल के माध्यम से कृपाल सिंह जघीना की गैंग ने कुलदीप जघीना गैंग के खात्मे की स्क्रिप्ट लिखी थी। इसमें खुद एटीएस की टीम ने एक जांच रिपोर्ट भरतपुर व अजमेर के जेल प्रशासन को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। साथ ही आधा दर्जन बदमाशों की गिरफ्तारी की गई थी। क्योंकि चार सितंबर 2022 में हुई कृपाल सिंह जघीना की हत्या का बदला लेने के लिए कुलदीप जघीना की हत्या की गई थी। 12 जुलाई 2023 को जयपुर से भरतपुर कोर्ट पेशी पर जा रहे गैंगस्टर कुलदीप जघीना पर कृपाल गैंग ने हमला कर हत्या कर दी थी।

Updated on:
30 Jun 2026 10:09 pm
Published on:
30 Jun 2026 06:43 pm