
Bharatpur : भरतपुर. देर रात का समय था, सभी लोग खाना खा रहे थे और एक-दूसरे के लिए खाना परोस रहे थे। पूर्व विधायक अतर सिंह खाना खाकर टहल रहे थे। अचानक कुछ लोग पहाड़ी पर आए और लाइट काट दी। चारों ओर अंधेरा हो गया। लाठी-डंडों से हमले के कारण चीखने की आवाज आने लगीं। अचानक उनके सिर पर कोई भारी लाठी या डंडे से हमला किया और बेहोश हो गए। इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसा पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के सिक्योरिटी गार्ड गगन शर्मा ने पत्रिका को बताया। वे हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद उनके ज्यादातर लोग वहां से भाग गए। सूचना मिलने के बाद काफी देर बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां से आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गगन शर्मा के अनुसार उनके सिर पर किसी चीज से वार किया गया, जिससे वह बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें होश नहीं रहा। गगन शर्मा के बयान के मुताबिक, हमले के दौरान अचानक अंधेरा होने के बाद उनके साथ मारपीट हुई। हालांकि, बेहोश होने के कारण वह इसके बाद की पूरी घटना नहीं बता सके। वहीं भरतपुर पुलिस ने गगन शर्मा के बयान लेने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फिलहाल हालत सही नहीं होने के कारण कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने कुछ हमलावरों को नामजद करते हुए करीब 80 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कमलेश भड़ाना ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जब अपने पति को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन्हें धक्का मारा और मारपीट करना शुरू कर दिया। हमले में कमलेश के शरीर पर भी चोट आई है। इससे पहले भी यह लोग 25 सितंबर 2026 को क्रेशर में घुस गए थे और कर्मचारियों से मारपीट कर क्रेशर में तोड़फोड़ कर फरार हो गए थे। 27 सितंबर को इसकी शिकायत वैर थाने पर दर्ज करवाई गई थी।
एसएमएस अस्पताल जयपुर की मोर्चरी में सोमवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद परिजन शव को हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव ले गए। परिजनों ने पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
अतर सिंह भड़ाना के परिवार में एक पुत्र और चार बेटियां हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई है। भड़ाना की सबसे छोटी पुत्री किरण भड़ाना भारतीय प्रशासनिक सेवा की 2017 बैच की अधिकारी है। वहीं इकलौते बेटे अर्जुन सिंह भड़ाना देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में कार्यरत हैं। उनके निधन की खबर से न केवल राजनीतिक गलियारों और भरतपुर संभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी हलकों में भी उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।