भरतपुर

Govardhan 2017: Video: गोवर्धन में एक बार फिर से आया द्वापर युग, पांच हजार साल पुरानी परंपरा हुई साक्षात, विदेशियों ने भी की गोवर्धन पूजा

हर कोई अपने आराध्य देव गिरिराज प्रभु के चरणों मे अरदास लगा रहा था...
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Oct 20, 2017
Govardhan Puja,Govardhan

गोवर्धन जी से (कृष्ण चन्द्र दुबे)
भरतपुर/जयपुर। गोवर्धन पूजा के मुख्य केंद्र गोवर्धन धाम में एक बार फिर से पांच हजार साल पुरानी परंपरा में द्वापर युग साक्षात हुआ। भगवान कृष्ण के द्वारा एक रूप में पूजत और दूसरे रूप में पूजाय की अभिव्यक्ति के साथ लाखों देशी विदेशी भक्त गोवर्धन महाराज की तलहटी पहुंचे। द्वापर युग में जब ब्रज वासियों ने पूजा की तो अब देश के कोने कोने आये भक्तों के साथ विदिशियों ने भी दही माखन की मटकी लेकर बृज गोपी बनकर गिर्राज जी का अभिषेक किया।

गोवर्धन जी को तरह तरह के पकवान बनाकर भोग लगाएं। गोवर्धन पूजा यात्रा भी द्वापर युग की तर्ज पर निकाली गई। जिसमें हरि बोल हरि बोल की गूंज रही। हर कोई अपने आराध्य देव गिरिराज प्रभु के चरणों मे अरदास लगा रहा था। गोवर्धन जी की सात कोस की परिकृमा में तो सैलाब इस कदर उमड़ा की शाम तक थमा नही। गिरिराज जी के प्रमुख मंदिर दानघाटी, गिरिराज जी मुखारविन्द, जतीपुरा मुखारविन्द भक्तों की भीड़ के सैलाब के बीच खचाखच भरे रहे। अन्नकूट, सिकड़ी प्रसादी वितरित की गई।

विदेशी चले गिर्राज पूजने
मृदंग, ढोल, मझीरा और थाप की धुन के बीच निकलते हरि हरि बोल के स्वर। कृष्ण के पूजन को राधा तो कोई विशाखा बनी विदेशी युवतियों और ग्वाला बने विदेशी युवकों की गिर्राज जी की भक्ति देखने लायक थी। अपना सब कुछ समर्पित गिरिराज जी के भाव में। अन्तराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति गोवर्धन के गिरिधारी गौड़ीय मठ से गोवर्धन पूजा शोभायात्रा निकाली गई। सबसे पहले भक्तों ने गाय की पूजा की। इसके नारायण दास महाराज के चित्रपट पर पुष्प अर्पित किए। मिट्टी की मटकियों में दही माखन शहद व पन्चामृत भरकर गोवर्धन पूजा को सैलाब उमड़ता रहा। पग पग पर गोवर्धन पूजा भाव देखने लायक था।

बनी मानव श्रंखला
गोवर्धन जी में पूजा को लेकर २१ किमी परिकृमा मार्ग में मानव श्रंखला बन गई। बृज रज के स्पर्श के बीच भक्तों ने लेटकर व नंगे पैर परिकृमा लगाई।

Updated on:
20 Oct 2017 04:19 pm
Published on:
20 Oct 2017 02:47 pm