
भरतपुर . कांग्रेस की सत्ता का गढ़ रविवार को मतगणना के बाद ढह गया। सात विधानसभा सीटों पर कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी। कांग्रेस समर्थित रालोद जरूर अपनी सीट बचाने में कामयाब हो गई। भाजपा ने यहां पांच सीटों पर विजयी पताका फहराई। कांग्रेस के दो केबिनेट मंत्री समेत, एक राज्यमंंत्री एवं दो राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विधायक भी अपनी सीट नहीं बचा सके। बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ीं डॉ. ऋतु बनावत ने सर्वाधिक मतों से जीत हासिल की।
सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच भरतपुर ने भी बदलाव का मन बनाया और अपना समर्थन भाजपा को दिया। मतगणना के दौरान रुझान शुरू हुए तो कई प्रत्याशियों को जीत की उम्मीद बंधी, लेकिन बाद में जैसे-जैसे गणना आगे बढ़ी तो अचंभित रह गए। डीग-कुम्हेर से विश्वेन्द्र सिंह, भरतपुर सीट से रालोद के डॉ. सुभाष गर्ग, नगर से कांग्रेस के वाजिब अली और कामां से निर्दलीय मुख्त्यार अहमद शुरू के राउंड से ही बढ़त लिए रहे, लेकिन अंत में इनमें से जीत सिर्फ डॉ. गर्ग को ही मिल सकी। वहीं इसके उलट बयाना से निर्दलीय डॉ. ऋतु बनावत, नदबई से भाजपा के जगत सिंह एवं वैर से भाजपा के बहादुर सिंह कोली ने शुुरुआत से ही बढ़त बना ली और अंत तक अपनी लीड कायम रखी।
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महिला विधायकों की बढ़ी भागीदारी, इस बार दो विधायकजिले की दो सीटों पर महिला प्रत्याशियों ने जीत का परचम फहराया है। बयाना विधानसभा में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ीं डॉ. ऋतु बनावत के सिर जीत का सेहरा बंधा है। उन्होंने जिले में सर्वाधिक अंतर से जीत हासिल की है। वहीं कामां से भाजपा की नौक्षम चौधरी ने जीत हासिल की है। पिछली बार जिले में एक मात्र महिला विधायक रही जाहिदा खान को हार का मुंह देखना पड़ा। जाहिदा का इस बार चुनावों में खासा विरोध हुआ था। हालांकि 2018 में सिर्फ कामां से कांग्रेस की जाहिदा खान ही एकमात्र महिला विधायक चुनी गई थी।
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जिस-जिस ने हराया, उनको अब एक साथ हराया
विस चुनावों में चार बागी खूब सुर्खियों में रहे। कामां में कांग्रेस से बागी हुए मुख्त्यार अहमद, नगर में भाजपा से बागी हुए नेम सिंह फौजदार, बयाना में भाजपा से बागी हुईं डॉ. ऋतु बनावत एवं भरतपुर में कांगे्रस से बागी हुए गिरीश चौधरी ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन इनमें से महज डॉ. ऋतु ही चुनाव जीत सकीं। डॉ. ऋतुु को एक बार कांग्रेस के अमर सिंह एवं एक बार भाजपा के बच्चू सिंह बंशीवाल ने चुनाव हराया था। अब डॉ. ऋतुु ने दोनों को एक साथ हरा दिया। यह जीत चर्चा का विषय बनी रही। डॉ. ऋतु पहले भी बागी होकर लड़ी थीं, लेकिन चुनाव हार गई थीं। दूसरा चुनाव भाजपा की टिकट पर हारा था, लेकिन इस बार विजयश्री उनके हाथ लगी। डॉ. ऋतुु के पति ऋषि बंसल भाजपा जिलाध्यक्ष रहे, लेकिन पत्नी के बागी होने के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।
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भरतपुर में नहीं चल पाया मोदी का जादू, राहुल गांधी भी नहीं करा सके पासविधानसभा चुनाव के इस बार के परिणाम में खास बात यह रही कि देश की राजनीति के दो दिग्गज अपने प्रत्याशियों को जीत नहीं दिला सके। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 नवम्बर को भरतपुर विधानसभा के भरतपुर शहर में भाजपा प्रत्याशी विजय बंसल के समर्थन में सभा की थी, लेकिन वह चुनाव हार गए। इससे इतर कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में राहुल गांधी ने 22 नवम्बर को नदबई से कांग्रेस प्रत्याशी जोगिन्दर सिंह अवाना के समर्थन में सभा की, लेकिन वह अवाना भी चुनाव नहीं जीत सके।
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पहले पिता ने हराया, अब बेटे ने दिग्गज को हराया
इस बार सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम जिले की हॉटशीट डीग-कुम्हेर का रहा। यहां 2008 में डॉ. शैलेष सिंह के पिता डॉ. दिगंबर सिंह ने कांग्रेस के पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह को हराया था। 2013 के चुनाव में विश्वेंद्र सिंह ने डॉ. शैलेष सिंह को हराया था। इस बार दिगंबर सिंह के बेटे ने विश्वेंद्र सिंह को हराया। वर्ष 2018 में कांग्रेस के विश्वेंद्र सिंह ने भाजपा के डॉ शैलेश सिंह को 8 हजार 218 वोटों से हराया था। वर्ष 2013 में कांग्रेस के विश्वेंद्र सिंह ने भाजपा के डॉ. दिगंबर सिंह को 11 हजार 162 वोटों से हराया था। वर्ष 2008 में भाजपा के डॉ दिगंबर सिंह ने कांग्रेस के विश्वेंद्र सिंह को पांच हजार 524 वोटों से हराया था।
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जानिये किस-किस दिग्गज को मिली शिकस्त- डीग-कुम्हेर से मंत्री रहे कांग्रेस के विश्वेन्द्र सिंह हारे
- नगर से युवा मामलात बोर्ड के अध्यक्ष रहे वाजिब अली हारे।- कामां से राज्यमंत्री जाहिदा खान हारीं।
- वैर से केबिनेट मंत्री भजनलाल जाटव हारे।- नदबई से देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष रहे जोगिन्दर सिंह अवाना हारे।
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कौनसा स्टार प्रचारक फेल और कौनसा पास- 18 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भरतपुर में सभा की।
नतीजा: भाजपा के विजय बंसल हारे।.....
- 18 नवम्बर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं सीएम अशोक गहलोत ने सभा की।नतीजा: कांग्रेस के भजनलाल जाटव चुनाव हारे।
.....- 20 नवम्बर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भरतपुर में लोकदल प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।
नतीजा: कांग्रेस समर्थित रालोद प्रत्याशी डॉ. सुभाष गर्ग जीते।......
- 20 नवम्बर को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।नतीजा: भाजपा के जवाहर सिंह बेढ़म जीते।
...........- 20 नवम्बर को राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने वैर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।
नतीजा: भाजपा के बहादुर सिंह जीते।.....
- 20 नवम्बर को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने नदबई में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।नतीजा: भाजपा के जगत सिंह जीते।
.....- 21 नवम्बर को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में भुसावर में सभा की।
नतीजा: भाजपा के बहादुर सिंह जीते।.....
- 21 नवम्बर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बयाना एवं कामां में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में सभा की।नतीजा: बयाना में कांगे्रेस के अमर सिंह एवं कामां में कांगे्रस की जाहिदा खान दोनों चुनाव हारे।
....- 22 नवम्बर को कांग्रेस के स्टार प्रचार राहुल गांधी ने नदबई में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।
नतीजा: जोगिन्दर सिंह अवाना चुनाव हारे।....
- 22 नवम्बर को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में सभा की।नतीजा: भाजपा के बहादुर सिंह जीते।
..................................क्या बोले विजयी प्रत्याशी
यह जीत मेरी नहीं, बल्कि जनता-जनार्दन की है। जिस तरह मेरी जीत ऐतिहासिक हुई है। वैसे ही ऐतिहासिक विकास कराना मेरा मकसद रहेगा। जनता के हितों की लड़ाई मैं विधानसभा में लडूंगी। मेरी जीत पूरी तरह जनता को समर्पित है। भगवान की खूब कृपा रही है।- डॉ. ऋ तु बनावत, विधायक बयाना
................भाजपा कार्यकर्ता, बुजुर्ग एवं पूरी अवाम का आभार, जिन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। कांग्रेस के भ्रष्ट और तानाशाही शासन से जनता परेशान थी। लोगों ने भाजपा पर विश्वास जताया है। मैं इसे कायम रखूंगी। जनता के हित में विकास कार्य कराए जाएंगे।
- नौक्षम चौधरी, विधायक कामां............
भाजपा जनहित के काम करती है। महिला, युवा, किसान के हितों में काम किया जाएगा। जनता ने बबलू का पेड़ उखाड़ दिया है। जातिवाद जनता पर बर्दाश्त नहीं हुआ। यही वजह है कि जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया है। क्षेत्र का विकास मेरी पहली प्राथमिकता होगी।- बहादुर सिंह कोली, विधायक वैर
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भाजपा ने घोषणा पत्र में और मैंने स्वयं प्रचार के दौरान जो वादा जनता से किया है, उसे पांच साल में घर-घर जाकर पूरा करूंगा। जनता-जनार्दन के चरणों की धूल को माथे से लगाकर सेवा का संकल्प लिया है, उसे पूरा कराने का प्रयत्न करूंगा। यह चुनाव धर्म और धन की लड़ाई का था। इसमें इसमें धर्म की विजय हुई है।- जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक नगर
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मैं नहीं, जनता और सरदारी जीती है। यह जीत सरदारी को समर्पित करता हूं। मुझे गर्व है कि सत्य जीता है। सांच को आंच नहीं है। इस पर मैं आज भी अडिग हूं। अफसोस है कि सातों विधानसभा में सफलता नहीं मिल सकी। इस पर शीर्ष नेतृत्व मंथन करेगा। अब चुनौती रहेंगी, लेकिन इसके लिए लड़ाई लडेेंग़े। विकास में राजनीति नहीं होनी चाहिए।- डॉ. सुभाष गर्ग, विधायक भरतपुर
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कार्यकर्ताओं और जनता की जीत है। कार्यकर्ताओं की पांच साल की मेहनत का यह परिणाम है। दस सालों में डीग-कुम्हेर विकास की दृष्टि से पिछड़े हैं। युवा, महिला और किसानों के विकास की प्राथमिकता रहेगी। डीग जिला बनाते समय जनता की अनदेखी की गई। मेरा प्रयास रहेगा कि इस का पुर्नसीमांकन कराया जाएगा।
- डॉ. शैलेष सिंह, विधायक डीग-कुम्हेर..................
इस जीत के लिए जनता और कार्यकर्ताओं का आभार। मेरा सौभाग्य है कि भाजपा ने मुझे नदबई से प्रत्याशी बनाया। मुझे खूब प्यार और आशीर्वाद मिला। इसका परिणाम है कि मैं जीत सका। जनता के सपने साकार करने का प्रयत्न रहेगा। सरकार और जनता की ताकत के साथ नदबई और पूरे भरतपुर जिले को चमकाएंगे।
- जगत सिंह, विधायक नदबई.........................................................................
सबसे बड़ी जीत...बयाना में निर्दलीय ऋतु बनावत की
इस बार के चुनाव परिणाम में जिले की सात सीटों में से सबसे बड़ी जीत बयाना में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. ऋतु बनावत की रही। उन्होंने एक लाख पांच हजार 749 मत लेकर 40 हजार 642 मतों के अंतर से प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अमर सिंह को पराजित किया। अमर सिंह को 65107 मत मिले, जबकि भाजपा के बच्चूसिंह बंशीवाल 14 हजार 398 मतों पर सिमट कर रह गए। ऐसे में अगर यह माना जाए कि सबसे बड़ी हार किसकी हुई तो बयाना में अमर सिंह की सबसे बड़ी हार हुई है।.......................
सबसे कम वोटों से जीत...नगर में भाजपा की 1531 मतों से जीतइस बार जिले में सबसे कम वोटों से जीत का सहरा नगर के भाजपा प्रत्याशी जवाहर सिंह बेढ़म के सिर बंधा है। उन्होंने 75 हजार 579 मत लेकर 1531 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। जबकि कांग्रेस के वाजिब अली को 74048 मत मिले। साथ ही आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रत्याशी नेमसिंह फौजदार को 46314 मत मिले।