
Vishvendra Singh Said Jat Reservation : पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केन्द्र में आरक्षण दिलाने के मुद्दे पर कहा है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक बैनर के तले नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए जीती जा सकती है। उन्होंने समाज से गैर-राजनीतिक तरीके से संगठित होकर कानूनी तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में विश्वेंद्र सिंह ने आरक्षण प्रक्रिया से जुड़े अतिरिक्त मुख्य सचिव के दो पत्र भी सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी भूमिका निभाते हुए आरक्षण की सिफारिश पहले ही केन्द्र को भेज चुकी है। अब समाज को केन्द्र सरकार के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखना होगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में 102वें संविधान संशोधन के तहत केन्द्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला। इसके बाद आरक्षण प्रक्रिया में राज्य सरकार की सिफारिश, केन्द्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से परीक्षण, केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, संसद की स्वीकृति और अंत में राष्ट्रपति के गजट प्रकाशन के बाद आरक्षण लागू होता है। विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि जल्द ही बुजुर्गों और युवाओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर सहयोग मांगा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भरतपुर से जुड़े होने के कारण मुख्यमंत्री समाज की भावनाओं को समझेंगे।
भरतपुर-धौलपुर-डीग जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नैमसिंह फौजदार ने बताया कि जाट आरक्षण की हुंकार सभा 22 जून को सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक रहेगी। गर्मी को देखते हुए लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त हवा, पानी का इंतजाम किया गया है।
सभा के मुख्य वक्ता आरएलपी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल होंगे। सांसद संजना जाटव के अलावा तीन दर्जन से अधिक विभिन्न दलों व समाज के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि अभी अन्य किसी ने भी स्वीकृति नहीं दी है। साथ संघर्ष समिति की ओर से गांव-गांव पीले चावल बांटकर सभा में आने के लिए निमंत्रण दिया जा रहा है। भरतपुर-धौलपुर-डीग जाट आरक्षण संघर्ष समिति को पूरी उम्मीद है कि 22 जून को होने वाली हुंकार सभा को पूरा समर्थन मिलेगा।