
भरतपुर. अपने घरों से दूर लोगों की सुविधा के मद्देनजर किया गया रोडवेज बसों का संचालन संक्रमण के भय ने प्रभावित हो रहा है। इससे रोडवेज प्रबंधन को बसों का संचालन रद्द करना पड़ रहा है। बता दें कि दो जून को रोडवेज प्रबंधन ने भरतपुर से धौलपुर और जयपुर के लिए एक-एक बस का संचालन किया था, लेकिन दो से पांच जून तक लगातार धौलपुर जाने वाली बस को यात्रियों के अभाव में रद्द करना पड़ा। वहीं जयपुर की सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य जारी रहा। लेकिन, यहां सोशल डिस्टेंसिंग की मर्यादा समाप्त करने का संकेत भी है, जहां बस में 30 से अधिक सवारियों को यात्रा करवाई गई।
वैसे भरतपुर अब बयाना और आगरा की तर्ज पर हॉट स्पॉट से आगे कॉन्टेंमेंट जोन में आ गया है। यहां प्रतिदिन कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में धौलपुर जाने वाले लोग बसों में बैठने से कतरा रहे हैं। उन्हें संक्रमण होने का भय सता रहा है। इसलिए इन चार दिनों में धौलपुर की एक या दो सवारियां बस स्टैण्ड पहुंची, जिसके चलते बस का संचालन रद्द करना पड़ा। लेकिन, दो से पांच जून तक जयपुर जाने के लिए सवारियों ने हिम्मत जुटाई।
गौरतलब है कि संक्रमण को देखते हुए पहले रोडवेज ने नियम बनाए थे कि सोशल डिस्टेंसिंग के तहत एक बस में 30 सवारियों से अधिक को यात्रा नहीं करवाई जाएगी। लेकिन, अब नियमों में बदलाव कर दिया है। बदलाव में जितनी सीट उतनी सवारियां यात्रा कर सकती है। इसमें ऑनलाइन बुकिंग के साथ तत्काल टिकट लेने वाली सवारियां भी यात्रा कर सकती हैं। इस स्थिति में पांच जून को जयपुर के लिए दो बस रवाना हुईं। एक बस में निर्धारत 30 सवारी और दूसरी बस में 38 सवारियों को सफर कराया गया। यह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं है। बताते हैं कि रोडवेज प्रबंधन को बस में सीटों की क्षमता के मुताबिक यात्रा कराने के आदेश मिले हैं।
मुख्य प्रबंधक भरतपुर डिपो के अवधेश शर्मा का कहना है कि धौलपुर के लिए रोजाना एक बस तैयार रखते हैं, लेकिन सवारियां एक-दो आती हैं इसलिए रद्द करनी पड़ रहीं हैं। जयपुर के लिए सवारियां जा रही है। शुक्रवार को दो बस रवाना हुईं हैं। वहीं पहले एक बस में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत तीस सवारियों तक ले जाना तय था। लेकिन, अब ऊपर से आदेश आए हैं कि बस में सीटों की क्षमता के अनुरूप सवारियां बैठाई जाएं।