
भरतपुर. नगर निगम एरिया में कई वार्ड ऐसे हैं, जहां आज भी ग्रामीण इलाकों जैसे हालात हैं। इनमें वार्ड चार भी शामिल है। यहां कई ऐसी सुविधाएं नहीं हैं, जो वास्तव में जरूरी हैं। इसलिए वार्डवासी स्वयं को सुविधाओं के बारे में अधूरा समझते हैं। इस वार्ड में नालियां नहीं होना, जलभराव, रोड पर अंधेरा, साफ-सफाई, कचरे को कई दिनों तक लेने नहीं आना, कीचड़ जैसी कई समस्या हैं। इसके कारण लोग परेशान हैं। यहां लोगों का हाल जानने न जनप्रतिनिधि आते हैं और न अधिकारी आते हैं। ऐसे में तीन से चार हजार की आबादी वाले वार्डवासियों का जीवन परेशानियों से भरा है।
इस वार्ड में छोटा गोलपुरा, जगमोहनपुरा, आनंद नगर का कुछ हिस्सा, सूरज विहार आदि क्षेत्र आता है। इतनी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र में लोगों को सुविधाओं का इंतजार है। ऐसा नहीं होने से ये स्वयं को बेबस समझ रहे हैं। वार्ड में छोटा गोलपुरा से जगमोहनपुरा व आसपास के क्षेत्र में रोड पर खंभे लगे हैं, लेकिन लाइट नहीं हैं। इस स्थिति में मंडी में काम करने वाले व अन्य वार्डवासियों को रात में अंधेरे में अपने घरों तक पहुंचने में भय लगता है। यह समस्या लंबे समय से है इसका समाधान अब तक नहीं हुआ है।
कच्चे रास्तों से उड़ती धूल है परेशानी
इनकी परेशानी यहीं पर खत्म नहीं होती। क्योंकि, वार्ड में कच्चे और जर्जर रास्तों ने इन्हें धूल भरे माहौल में जीवन जीने पर मजबूर कर दिया है। यहां छोटा गोलपुरा, सूरज विहार, जगमोहनपुरा आदि इलाकों में अधिकांश कच्चे रास्ते हैं। उड़ते धूल के गुबार इनकी परेशानी का कारण है। वर्षों से न सड़क बनी और न विकास हुआ।
बरसात में जलभराव की परेशानी
वार्ड में अधिकांश क्षेत्र के लोग जलभराव की समस्या से जूझते है। अन्य मौसम में तो घरों से निकलते गंदे पानी से कहीं-कहीं जलभराव होता है लेकिन बरसात में अधिकांश क्षेत्र पानी से भर जाता है। ऐसे लोगों को घरों से निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पानी निकासी न होना भी समस्या
पानी निकासी के लिए नालियां नहीं हैं। सूरज विहार, सुभाष नगर से जगमोहनपुरा को जोडऩे वाले क्षेत्र में नालियां नहीं है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी रास्ते में भरने के अलावा खाली भूखंडों में भर जाता है। इससे पनपते मच्छरों ने चैन छीन लिया है।
सफाई की व्यवस्था भी अधर में
वार्ड में सफाई व्यवस्था का कोई धणी-धोरी नहीं है। न कोई सफाई कर्मचारी आता है और न ऑटो टिपर वाहन समय पर पहुंचता है। अगर आता भी है तो दूर रास्ते में खड़ा हो जाता है। ऐसे में जो लोग ऑटो टिपर तक पहुंचते हैं उनका कचरा डल जाता है, नहीं पहुंचने वाले रह जाते हैं।
क्या कहते हैं वार्डवासी
-वार्ड में पडऩे वाले छोटा गोलपुरा में रोड लाइट नहीं हैं। हमारे परिवार के लोग मंडी में काम करते हैं। रात को घर आने में परेशानी आती है। वहीं सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता है।
श्यामवती, निवासी वार्ड चार
-वार्ड पार्षद की नौकरी लग गई है। इसलिए दूसरे वार्ड के पार्षद ने जिम्मेदारी संभाल रखी है। यहां न सफाई करने कर्मचारी आता है न ऑटो टिपर का लाभ मिल रहा। जलभराव की ज्यादा समस्या है। कीचड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है।
गिरधारी, निवासी वार्ड चार
-वार्ड में जलभराव से निजात के लिए सड़क व नालियों का निर्माण होना जरूरी है। इनके नहीं होने से पानी की निकासी नहीं होती, इससे जलभराव की समस्या बनी रहती है। हमने जब जनप्रतिनिधि चुना है तो ध्यान देने का कार्य करना चाहिए।
बृजकौशल, निवासी वार्ड चार
-वार्ड में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। खाली भूखंडों पर कचरा फेंका जा रहा है। घरों का पानी भी भूखंड में भर जाता है। इसके अलावा जलभराव मुख्य समस्या है। जनप्रतिनिधि को मौके पर देखने आना चाहिए।
रतन लाल, निवासी वार्ड चार
-वार्ड शहरी क्षेत्र में होते हुए भी ग्रामीण इलाकों जैसी स्थिति है। समस्याएं तमाम हैं, लेकिन निदान कुछ नहीं हो रहा। बदतर जीवन जीने पर मजबूर हो गए हैं। रोड लाइट नहीं हैं। सड़क नहीं हैं, जलभराव है। ऐसा लगता है अब भी गांव में रह रहे हैं।
सुनीता, निवासी वार्ड चार
-वार्ड में नालियां नहीं हैं। नाला भी बाईपास पर बना है। जब नालियां और पानी निकासी का साधन नहीं है तो जलभराव होगा ही। जनप्रतिनिधि को समाधान करना चाहिए। लोग सुविधाओं को तरस गए हैं।
पूनम, निवासी वार्ड चार
-वार्ड की स्थिति आप भी देख रहे हैं। कहने को शहरी सरकार का वार्ड है, लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं हैं। गांव की तरह कच्चा मार्ग है। रोड लाइट नहीं है। जलभराव रहता है। कोई सुध लेने भी नहीं आता।
ललिता शर्मा, निवासी वार्ड चार
-वार्ड में मुख्य सड़क ठीक है, लेकिन अंदर सूरज विहार, छोटा गोलपुरा में सड़कों की हालत खस्ता है। यहां तक की रोड लाइट नहीं हैं। पूरी कॉलोनी में शाम होते ही अंधेरा हो जाता है। ऐसा लगता है कि गांव में जीवन जी रहे हैं।
गुड्डी देवी, निवासी वार्ड चार