भरतपुर शहर में रेलवे क्रॉसिंग से अब राहगीरों और वाहन चालकों को सुगम रास्ता मिलेगा। इसके समाधान के लिए राजस्थान पत्रिका ने मुहिम शुरू की थी।
भरतपुर शहर में नए औद्योगिक क्षेत्र रीको जाने वाले रेलवे क्रॉसिंग से अब राहगीरों और वाहन चालकों को सुगम रास्ता मिलेगा। रेलवे क्रॉसिंग के कारण ट्रेन आने पर लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे वाहन चालकों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था। इस समस्या से यहां के उद्योगों पर भी असर पड़ रहा था। इसके समाधान के लिए राजस्थान पत्रिका ने मुहिम शुरू की थी। इसके बाद ओवरब्रिज की घोषणा हुई और अब काम शुरू हो गया है।
आरबीएम चिकित्सालय से औद्योगिक क्षेत्र रीको इंडस्ट्रीज एरिया और आसपास के कई गांवों को जोडऩे वाले इस रास्ते पर रेलवे क्रॉसिंग की वजह से अक्सर जाम लग जाता था। इसे सुधारने के लिए एसटीसी हाउसिंग बोर्ड से गोवर्धन कैनाल तक रेलवे फाटक संख्या एलसी 38 पर 73.24 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
इस परियोजना की कुल लागत 50.14 करोड़ रुपए है, जिसमें 13.10 करोड़ रुपए आसपास बने मकानों की भूमि अधिग्रहण के लिए खर्च होंगे और 10 करोड़ रुपए यूटिलिटी (बिजली-पानी व अन्य) पर खर्च किए जाएंगे।
इस ओवरब्रिज की लंबाई 700 मीटर होगी और इसे कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से तैयार किया जा रहा है। इस पुल का निर्माण फरवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद कैनाल पर पुल का निर्माण भी किया जाएगा। ओवरब्रिज की चौड़ाई 30 मीटर होगी और दोनों ओर साढ़े पांच मीटर चौड़ी सर्विस रोड का निर्माण भी होगा।
ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान एसटीसी हाउसिंग बोर्ड से लेकर गोवर्धन कैनाल तक लगभग 80 मकान और दुकानें आ रही हैं। इनके लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 13.10 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। मकान और दुकान मालिकों को लाल निशान लगाकर सूचित किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सेक्शन-11 के तहत प्रक्रियाधीन है।
ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में बड़े वाहनों का आवागमन बना रहता है। इस वजह से सार्वजनिक विभाग की ओर से रोड डिवाइडर की कार्रवाई की है और बड़े वाहनों के लिए भवनपुरा से राजा खेमकरण की मूर्ति मथुरा रोड तक रास्ता निर्धारित किया है। वहीं छोटे वाहनों के लिए भी अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिन पर संकेतक लगाए गए हैं।
रीको रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस निर्माण के दौरान 80 मकान और दुकानें आ रही हैं, जिनके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 13.10 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। फरवरी 2026 तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।- आर.सी. मीणा, अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, भरतपुर