
राज्य में सत्ता बदलने और नई सरकार के कामकाज संभालने का प्रभाव अब दिखना शुरू हो रहा है। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा विभाग और शिक्षा निदेशालय में वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों तथा शिक्षकों को रिलीव करने के आदेश जारी हुए हैं। भरतपुर और डीग जिले में स्थिति इसके विपरीत है। यहां पर ऐसे 100 से अधिक शिक्षक और कंप्यूटर अनुदेशक हैं, जो विभिन्न सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। जिले में विभिन्न शिक्षक, कंप्यूटर अनुदेशक जिला परिषद, पंचायत समिति कार्यालय, एसडीएम ऑफिस एवं सांख्यिकी विभाग कार्यालय सहित अन्य विभागों में लंबे समय से कार्य व्यवस्था के नाम पर बैठे हैं। कंप्यूटर अनुदेशकों की प्रतिनियुक्ति की वजह से स्कूलों में लैबों का संचालन प्रभावित हो रहा है। कई स्कूलों में शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर हैं। अध्यापकों की कमी के विरोध में कई जगह ग्रामीण तालाबंदी तक कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें : Rajasthan Politics: एक्शन मोड में भजनलाल सरकार, योजनाओं के लिए पहली ही बैठक में दिए ये संकेत
नजदीकी स्कूलों में कराया डेपुटेशन
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने अपनी इच्छा के अनुसार अपने घर के नजदीक स्कूलों में डेपुटेशन पर नियुक्ति ले ली। इस कारण देहात के कई स्कूलों में शिक्षकों का टोटा चल रहा है। वहीं जहां डेपुटेशन कराया है। वहां शिक्षकों की भरमार है। ऐसे में उन दोनों ही स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
यह भी पढ़ें : कांग्रेस शासन के मुफ्त की योजनाओं के कारण खाली हुआ खजाना, सेवानिवृत्त कर्मियों को अब ये आ रही बड़ी समस्या
खलबली मचाने वाला आदेश
यह आदेश माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही पंजीयक कार्यालय में कार्य व्यवस्था पर लगे सभी कार्मिकों पर लागू होगा। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय माध्यमिक-प्रांरभिक शिक्षा के साथ पंजीयक कार्यालय में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों-शिक्षकों को स्कूलों से लाकर लगाया गया था। निदेशालय के स्टाफ ऑफिसर ने सभी अनुभाग प्रभारियों से कहा है कि यदि अनुभाग में कर्मचारी की आवश्यकता है तो इसके लिए निदेशक से अनुमति लेकर ही रखा जा सकेगा।