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कांग्रेस शासन के मुफ्त की योजनाओं के कारण खाली हुआ खजाना, सेवानिवृत्त कर्मियों को अब ये आ रही बड़ी समस्या

locationकोटाPublished: Dec 19, 2023 11:15:31 am

Submitted by:

Akshita Deora

Rajasthan Government: कांग्रेस शासन के आखिरी छह माह में मुफ्त की योजना सरकारी खजाने पर भारी पड़ गई हैं। खजाना खाली होने का असर विकास के साथ कर्मचारियों के वेतन पर भी पड़ रहा है। राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन परिलाभों के चक्कर लगाने को विवश होना पड़ रहा है।

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Rajasthan Government: कांग्रेस शासन के आखिरी छह माह में मुफ्त की योजना सरकारी खजाने पर भारी पड़ गई हैं। खजाना खाली होने का असर विकास के साथ कर्मचारियों के वेतन पर भी पड़ रहा है। राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों को पेंशन परिलाभों के चक्कर लगाने को विवश होना पड़ रहा है। अकेले कोटा में ही करीब तीन सौ कार्मिकों को पेंशन परिलाभ नहीं मिल पाए हैं। प्रदेश में ऐसे कार्मिकों की संख्या हजारों में बताई जा रही है।

कई कार्मिकों को सेवानिवृत्त हुए चार-पांच माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। भुगतान नहीं होने से बेटे-बेटियों की शादी करने आदि में भी परेशानी आ रही है। कर्ज लेकर बंदोबस्त करना पड़ रहा है। सेवानिवृत्त कार्मिकों ने बताया कि कोष कार्यालय में कई बार सम्पर्क किया, लेकिन हर बार बजट की कमी बताकर पेंशन परिलाभों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

रिटायरमेंट के बाद कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे, लेकिन सुनवाई नहीं
केस 1:
जल संसाधन विभाग में अधिशासी अभियंता के पद से प्रवीण कुमार लोकवानी गत 30 सितम्बर को रिटायर्ड हो गए, लेकिन अभी तक पेंशन परिलाभों का भुगतान नहीं मिला है। पेंशन विभाग में पत्राचार किया, लेकिन बजट नहीं होने की बात कही जा रही है।

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केस 2: पीडब्ल्यूडी जयपुर में अधिशासी अभियंता रहे राजेन्द्र टण्डन गत 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हुए। वे अब तक पेंशन परिलाभों से वंचित हैं। राजेन्द्र टण्डन का कहना है कि मैंने कई बार विभागीय स्तर पर पत्राचार किया, लेकिन अधिकारी बजट आने पर भुगतान की बात कह रहे हैं।

केस 3: कृषि विभाग कोटा खण्ड के अतिरिक्त निदेशक के पद से 31 जुलाई को प्रदीप कुमार गुप्ता रिटायर्ड हुए, लेकिन अभी तक पेंशन परिलाभ नहीं मिल पाए हैं। रिटायरमेंट के बाद निवेश का प्लान बनाया था, लेकिन हाथ में पैसा नहीं है। प्लान धरा रह गया।

केस 4: कृषि विभाग जोधपुर में अतिरिक्त निदेशक के पद से विजय कुमार पाण्डेय 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन अभी तक इनको किसी भी परिलाभ का भुगतान नहीं किया गया है। रिटायरमेंट के बाद कई तरह की प्लानिंग की थी, लेकिन हाथ में पैसा नहीं होने से कई तरह की मुश्किलें आ रही हैं।

बजट के अभाव में पेंशन के परिलाभ की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। मुख्यालय जयपुर से समस्त प्रक्रिया पूरी होगी।
पूर्वा अग्रवाल, अतिरिक्त निदेशक क्षेत्रीय पेंशन कार्यालय, कोटा
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सेवानिवृत्ति के दिन परिलाभ देने के हैं आदेश

इंटरग्रांटेड फाइनेशियल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस 3.0) के अन्तर्गत सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को सेवानिवृत्ति दिवस पर ही समस्त पेंशन परिलाभों की स्वीकृति के संबंध में सरकार ने निर्देश जारी किए थे। विभागाध्यक्ष द्वारा प्रक्रिया नहीं अपनाने पर ई-पेंशन सेट ऑटो प्रोसेस द्वारा पेंशन विभाग को स्वत: अग्रेषित हो जाता है।

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