President Droupadi Murmu Deeg Tour: डीग (भरतपुर): भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को ब्रजभूमि के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोवर्धन पहुंचीं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने गिरिराज जी के चरणों में माथा टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए भगवान गिरिराज के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
दर्शन के पश्चात, राष्ट्रपति मुर्मू ने गोवर्धन की प्रसिद्ध सप्तकोसीय परिक्रमा की औपचारिक शुरुआत की। हिंदू धर्म में इस 21 किलोमीटर की परिक्रमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा गया। लोगों ने इस दौरे को भारतीय संस्कृति और लोक-आस्था के प्रति सर्वोच्च पद का सम्मान बताया।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिक्रमा मार्ग पर चाक-चौबंद व्यवस्था है। अधिकारियों के अनुसार, यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान भी प्रदान करती है। राष्ट्रपति के इस सादगीपूर्ण और भक्तिमय दौरे की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
राष्ट्रपति मुर्मू गोल्फ कार्ट के माध्यम से सप्तकोसीय परिक्रमा पूर्ण कर रही हैं। उनकी सुविधा के लिए कुल 26 गोल्फ कार्ट का बेड़ा तैनात किया गया है। परिक्रमा मार्ग का लगभग दो किलोमीटर का हिस्सा राजस्थान की सीमा (डीग जिला) में आता है, जिसमें पूंछरी का लौठा क्षेत्र प्रमुख है।
ब्रज क्षेत्र में बंदरों के आतंक और चश्मा छीनने की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने अनूठा जुगाड़ निकाला है। राष्ट्रपति के चश्मे और सुरक्षा घेरे को बंदरों से बचाने के लिए पूरे मार्ग पर लंगूरों के कटआउट लगाए गए हैं। साथ ही, सैकड़ों वनकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि बंदरों को दूर रखा जा सके।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राजस्थान सरकार की ओर से गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भी इस दौरे में शामिल होने की प्रबल संभावना है। डीग कलेक्टर उत्सव कौशल और पुलिस के आला अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
राष्ट्रपति के वीवीआईपी मूवमेंट के कारण भरतपुर, डीग और गोवर्धन की ओर जाने वाले कई मार्गों पर भारी वाहनों और निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।