
जयपुर में बिना लाइसेंस नहीं दौड़ेंगी कैब (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)
Cabs Will Not Operate in Jaipur Without License: जयपुर: शहर में संचालित कैब कंपनियों पर अब परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। राज्य सरकार की ओर से लागू राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स-2025 के तहत अब बिना लाइसेंस कोई भी कैब कंपनी अपने वाहन नहीं चला सकेगी।
इसके लिए विभाग जल्द ही विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रहा है, जिसके माध्यम से नई और पहले से संचालित सभी कंपनियों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शहर में कैब सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। पोर्टल पर कंपनियों को अपने सभी वाहनों और चालकों का पूरा ब्योरा दर्ज करना होगा, जिससे निगरानी और नियंत्रण आसान हो सकेगा। परिवहन विभाग ने इस प्रक्रिया को लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नए नियमों के तहत कैब कंपनियों को शहर में अपना अधिकृत कार्यालय खोलना होगा, जहां एक जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति जरूरी होगी। यदि कोई कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है तो उसका लाइसेंस तीन महीने तक के लिए निलंबित किया जा सकेगा।
वहीं, एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन या किसी गंभीर उल्लंघन की पुष्टि होने पर कंपनी का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा।
लाइसेंस की वैधता पांच वर्ष तय की गई है। इसके लिए 10 हजार रुपए का आवेदन शुल्क और अधिकतम पांच लाख रुपए तक लाइसेंस शुल्क तय किया गया है। साथ ही कंपनियों को अपने वाहनों की संख्या के आधार पर 10 लाख से 50 लाख रुपए तक की सुरक्षा राशि भी जमा करनी होगी।
परिवहन विभाग का मानना है कि इन सख्त नियमों से न केवल अवैध रूप से संचालित कैब सेवाओं पर रोक लगेगी। बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स-2025 लागू कर दिया है। इसके तहत अब पोर्टल शुरू किया जा रहा है। कैब कंपनियों को लाइसेंस लेना होगा।
-पुरुषोत्तम शर्मा, आयुक्त परिवहन विभाग
Updated on:
21 Mar 2026 07:44 am
Published on:
21 Mar 2026 07:44 am
