
Bharatpur LPG Crisis : दुनिया के किसी एक कोने में होने वाला युद्ध कैसे आपकी रसोई तक पहुंच सकता है, इसका ताजा उदाहरण एलपीजी के रूप में सामने आया है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी स्थिति ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। होर्मुज की फिर से बंदी ने एक बार फिर एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को 10 मार्च फिलहाल के लिए अस्थाई रोक दिया है। अगर आप भी नया गैस कनेक्शन लेने की योजना बना रहे थे तो आपको अब अनिश्चितकाल के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की खपत प्रतिदिन 5300 है। गैस की किल्लत न हो इसके लिए सरकार ने राशनिंग शुरू कर दी है। अब शहरी इलाकों में ग्राहक 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के अंतराल पर ही अपना सिलेंडर बुक कर सकते हैं। वितरकों का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर नए कनेक्शन की रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की जा रही है। ऐसे में नए कनेक्शन 'होल्ड' पर हैं। अभी केवल मौजूदा 3 लाख 43 हजार 60 परिवारों की ज़रूरतों को पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं।
सप्लाई के इस संकट के बीच सरकार एक और बड़ा बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। जिन इलाकों में पाइप वाली नेचुरल गैस की सुविधा मौजूद है वहां लोगों को एलपीजी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार एलपीजी के नए कनेक्शन होल्ड होने के बाद 460 नए पीएनजी कनेक्शन शुरू हुए हैं। वहीं 576 उपभोक्ताओं के यहां फिटिंग का काम पूरा हो चुका है।
सप्लाई की कमी और कमर्शियल इस्तेमाल पर लगी पाबंदियों का असर साफ है। जहां एक और गैस एजेंसियां नए कनेक्शन नहीं दे रही हैं वहीं दूसरी ओर पुराने उपभोक्ताओं को एक ही घर में दूसरा सिलेंडर (डीबीसी) लेने की सुविधा को भी अभी बंद रखा गया है।
वर्तमान उपभोक्ताओं को समय से गैस सिलेंडर का वितरण हो सके, इसके लिए अभी नए कनेक्शन और डीबीसी की सुविधा पर अस्थाई रूप से रोक लगाई है। हालांकि यह रोक कब तक रहेगी यह अभी निश्चित नहीं है, लेकिन हालात जैसे ही सामान्य होते हैं तो नए कनेक्शन और डीबीसी सुविधा शुरू हो जाएगी।
पवन अग्रवाल, जिला रसद अधिकारी