Cyber Thugs New Trap : सावधान। साइबर ठगों ने एक नया जाल बिछाया है। जालसाज, आधार कार्ड सुधरवाने, शादी के कार्ड, सिम बंद होने का लिंक भेजकर ठगी कर सकते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही आपका खाता खाली कर सकते हैं। इन एपीके फाइल से कैसे बचें, जानें।
Cyber Thugs New Trap : जालसाज आधार कार्ड सुधरवाने, शादी के कार्ड, सिम बंद होने का लिंक भेजकर ठगी कर सकते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही आपका खाता खाली कर सकते हैं। यह चेतावनी इसलिए भी जरूरी है कि केंद्रीय साइबर क्राइम विभाग ने लोगों की शिकायतों के बाद लगभग 1000 खतरनाक एंड्राइड पैकेट किट (एपीके) फाइलों की सूची गूगल को भेजी है, ताकि ठग दोबारा ऐसी फाइलों का उपयोग न कर पाएं।
दरअसल एंड्राइड फोन में एपीके फाइलों का लिंक भेजा जा सकता है। फोन के ऑपरेशन के लिए गूगल सबसे बड़ा सर्च इंजन है। ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार एपीके फाइल को माना जाता है, इससे देश में हजारों लोग पीड़ित हैं। साइबर क्राइम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक एपीके फाइल को खोलना खतरे से खाली नहीं है।
धौलपुर के एक बिल्डर के नाम पर ठगों ने उनके बैंक से ही APK फाइल के माध्यम से दो लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने फर्जी लेटर पैड इस्तेमाल करते हुए बैंक में फोन किया था। एक अन्य मामले में शहर के एक कारोबारी को एपीके फाइल भेजकर उनके खाते से चार बार ट्रांजेक्शन करते हुए सवा लाख रुपए की चपत लगा दी। फोन हैंग होने के बाद ठगी का पता चला।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक शहर के बड़े ब्रांड, होटल, शो-रूम या कंपनी के नाम पर मिलते-जुलते वेबसाइट से भी ठगी हुई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को संबंधित वेबसाइट में संस्थान के नाम की स्पेलिंग और यूआरएल को जानना जरूरी है। टोल फ्री नंबर पर कन्फर्म करें। आनलाइन बुकिंग कराते समय अलग-अलग प्लेटफार्म पर वेबसाइट को चेक करें।
1- वाट्सएप या अन्य लिंक जिसमें एपीके फाइल छिपी होती है। इसे खोलने से बचें।
2- मोबाइल हैक करने के साथ ही बैंकिंग डिटेल निकालने की क्षमता।
3- मोबाइल की सेटिंग में जाकर अननाउन सोर्स का विकल्प ऑफ कर देना चाहिए।
4- गूगल के प्ले स्टोर से आधिकारिक एप डाउनलोड करें, भेजा गया लिंक साइबर क्राइम का जरिया हो सकता है।
5- एंटी वायरस या सिक्योरिटी ऐप का इस्तेमाल करें
6- बैंकिंग एप सिर्फ बैंकों के एप्लीकेशन, यूपीआई या सरकार के मान्यता प्राप्त ऐप को डाउनलोड करें।
7- मुफ्त ऑफर, रिचार्ज या इनाम के नाम से आने वाली APK फाइलों को डाउनलोड करने से बचें।
1- उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ में प्रिंटिंग प्रेस के संचालक से ई-सिम के नाम पर अगस्त महीने में 26 लाख रुपए की ठगी हो गई। 2- एक सप्ताह पहले गाजियाबाद क्षेत्र में RTO चालान के नाम पर ठगों ने APK फाइल भेजकर 6 लाख रुपए बैंक से उड़ा लिए। 3- 15 सितंबर को मुंबई की एक महिला को आधार अपडेट कराने के नाम पर एपीके फाइल भेजी गई। लिंक ओपन करते ही महिला के खाते से 19 बार के ट्रांजेक्शन में 13 लाख रुपए ठगों के खाते में डेबिट हो गए। 4- उत्तराखंड के हलद्वानी में एक महिला को सरकारी विभाग का लिंक भेजा गया, जिससे ठगों ने 2 लाख रुपए उड़ा लिए।
1- ई-परिवहन, ई-सिम।
2- शादी कार्ड।
3- आधार डाट एपीके।
4- ई-चालान डाट एपीके।
5- ई-कामर्स डाट एपीके।
6- किसान मित्र डाट एपीके।