
Bharatpur : राजस्थान के डीग में सीकरी उपखंड के बुढ़ली गांव में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि से हमले के मामले में नामजद आरोपियों के दो मंजिला मकान पर बुलडोजर चला कर मकान को ध्वस्त कर दिया। पर प्रशासन ने कार्रवाई को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई बताया है। जबकि क्षेत्र में इसे पुलिस हमले के मामले के बाद हुई कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को क्षेत्र के गांव बूड़ली में तहसीलदार के नेतृत्व में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कार्यवाही के दौरान प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से दो मंजिला मकान को ध्वस्त किया गया। जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा गांव बूड़ली में सड़क निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा भूमि की पैमाइश कराने की मांग की गई थी। जिसपर तहसीलदार द्वारा मौके पर पैमाइश के दौरान सामने आया कि संबंधित मकान का कुछ हिस्सा राजस्व अभिलेखों में दर्ज गैर मुमकिन रास्ते की सरकारी भूमि पर बना हुआ है।
जिसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन नोटिसों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर सोमवार को प्रशासन, पुलिस और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर सड़क सीमा में आए निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
गौरतलब है कि करीब एक माह पूर्व अवैध हथियार की सूचना पर पुलिस ने गांव बूड़ली में दबिश दी थी। दबिश के दौरान आरोपियों ने पुलिसबल के साथ मारपीट की। जिसमें करीब दस पुलिसकर्मियों के चोटें आईं थी। मामले में कई लोगों के खिलाफ नामजद प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रशासन ने जिस मकान पर सोमवार को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई। वह इसी मामले में नामजद आरोपी का बताया जा रहा है।
हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर यही कहा गया है कि कार्रवाई केवल सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने और सड़क निर्माण कार्य को बाधारहित बनाने के लिए नियमानुसार की गई है। लेकिन लोगों की चर्चा में इस कार्रवाई को पुलिस हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक माह पूर्व अवैध हथियार की सूचना पर गई पुलिस टीम पर गांव बूड़ली में हुआ था हमला
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर न्यायालय से बेदखली के आदेश के बाद अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है।
कमल चंद शर्मा