भरतपुर

Rajasthan Education : राजस्थान में नामांकन मुद्दे पर शिक्षा विभाग का यू-टर्न, जारी किया नया आदेश

Rajasthan Education : राजस्थान सरकारी स्कूलों में गिरते नामांकन पर शिक्षा विभाग अलर्ट हुआ। अपने आदेश पर शिक्षा विभाग ने लिया यू-टर्न। जारी किया नया आदेश। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से शिक्षकों में राहत है।

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फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Education : राजस्थान सरकारी स्कूलों में गिरते नामांकन को लेकर कुछ दिन पहले सख्त रुख अपनाने वाले शिक्षा विभाग ने अब बड़ा यू-टर्न लिया है। वे आदेश, जिनके आधार पर कम नामांकन वाले शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए थे, विभाग ने उन्हें एक वर्ष के लिए वापस ले लिया है। इससे अब कक्षा 1 में प्रवेश के लिए नई शिक्षा नीति के तहत लागू की गई आयु सीमा का प्रावधान फिलहाल अगले सत्र तक स्थगित रहेगा।

पत्रिका ने पहले प्रकाशित खबर में बताया था कि नामांकन गिरने का सबसे बड़ा कारण विभाग की ओर से लागू की गई नई आयु सीमा है। पहले जहां कक्षा 1 में 5 वर्ष उम्र वाले बच्चे को प्रवेश मिल जाता था। वहीं नई शिक्षा नीति के अनुसार यह सीमा बढ़ाकर 6 वर्ष कर दी गई थी। इससे सरकारी स्कूलों में नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या अचानक गिर गई। दूसरी ओर निजी स्कूल 3 से 4 वर्ष के बच्चों को एलकेजी-यूकेजी में प्रवेश दे रहे हैं। ऐसे में एक बार निजी स्कूल में दाखिला लेने के बाद बच्चा दोबारा सरकारी स्कूल में क्यों लौटेगा, यह सवाल शिक्षक पहले से उठाते रहे हैं।

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जिले की स्थिति यह है कि सेवर ब्लॉक के 56 विद्यालयों में इस सत्र अधिकतम नामांकन 9 दर्ज हुआ है। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एक भी बच्चा प्रवेश लेने नहीं पहुंचा। इस स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने 56 शिक्षकों को पूर्व में कारण बताओ नोटिस भी जारी किए थे।

दबाव, विभाग ने कदम पीछे खींचे

शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट कहा कि जब आयु सीमा 6 वर्ष कर दी गई है तो 5 वर्ष से पहले कोई अभिभावक अपने बच्चे को घर पर बैठाकर कैसे रखेगा। इसी वजह से अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं।

शिक्षक संगठनों ने बाल वाटिका को प्रभावी ढंग से संचालित करने, प्ले-वे गतिविधियों को बढ़ाने और आयु सीमा में संशोधन की मांग उठाई। इन्हीं तर्कों के दबाव और लगातार गिरते नामांकन को देखते हुए शिक्षा विभाग ने आदेश में संशोधन करते हुए एक वर्ष के लिए पुरानी आयु सीमा को ही लागू रखने का निर्णय लिया है।

अब आगामी सत्र तक 5 वर्ष की उम्र वाले बच्चे भी पहली कक्षा में प्रवेश ले सकेंगे। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से शिक्षकों में राहत है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था।

यह बदलेगा अगले सत्र से

1- आयु सीमा को लेकर उठी बड़ी बाधा अस्थाई रूप से हटाई गई।
2- नामांकन बढ़ाने में स्कूलों को राहत मिलेगी।
3- विभाग इस एक वर्ष में प्री-स्कूलिंग को मजबूत करने की तैयारी करेगा।
4- बाल वाटिकाएं प्रभावी ढंग से शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

सरकार का यह स्वागतयोग्य कदम

सरकार का यह स्वागतयोग्य कदम है। अब सरकार को तुरंत नई शिक्षा नीति के तहत बाल वाटिका चलानी चाहिए। बाल वाटिका संचालित होने तक उम्र में छूट दी जानी चाहिए। बाल वाटिका खुलने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा ले सकेंगे।
पवन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजस्थान शिखक संघ सियाराम

संभावना है यह आदेश सभी स्कूलों में लागू हो जाए

फिलहाल ये आदेश उनके लिए हैं, जहां बाल वाटिकाएं चल रही हैं। संभावना है कि आगामी आदेशों में यह सभी स्कूलों में लागू हो जाए। इससे नामांकन अच्छा हो सकेगा।
अतुल चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक भरतपुर

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Published on:
28 Nov 2025 02:43 pm
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