LPG Crisis : डीग शहर में गैस एजेंसी से जुड़े उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली। राजस्थान हाईकोर्ट ने एजेंसी के संचालन पर लगी रोक को हटा दिया। निलंबन से परेशान 30 हजार उपभोक्ताओं ने अब चैन की सांस ली।
LPG Crisis : डीग शहर के नगर रोड स्थित श्रीराम गैस एजेंसी से जुड़े उपभोक्ताओं को राहत की खबर है। उच्च न्यायालय ने एजेंसी के संचालन पर लगी रोक को हटाकर गैस एजेंसी को राहत दी है। न्यायालय के इस फैसले के बाद एजेंसी को दोबारा अपना कार्य शुरू करने की अनुमति मिल गई है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में एजेंसी के खिलाफ अनियमितताओं और शिकायतों के आधार पर बीपीसीएल द्वारा एजेंसी की गैस सिलेंडर सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई के चलते शहर सहित आसपास के क्षेत्र के करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गैस आपूर्ति बाधित होने से लोगों को घरेलू कार्यों में दिक्कतें आईं और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भटकना पड़ा।
मामले की सुनवाई के दौरान एजेंसी पक्ष ने अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद राजस्थान उच्च न्यायालय ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करते हुए एजेंसी को राहत प्रदान की है। कोर्ट के इस आदेश के बाद एजेंसी का संचालन पुनः बहाल कर दिया गया है। लेकिन एजेंसी की तरफ से बताया गया है इस व्यवस्था को सुचारू होने में एक-दो दिन का समय लग सकता है।
उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अब उपभोक्ताओं को फिर से श्रीराम गैस एजेंसी से ही एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। एजेंसी प्रबंधन ने भी उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि अब किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और समय पर गैस वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, लंबित बुकिंग और नई बुकिंग प्रक्रिया को भी जल्द ही सामान्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 6 अप्रेल को बीपीसीएल ने शिकायतों के आधार पर एजेंसी का अनुज्ञा पत्र निलंबित कर दिया था। इसके बाद तत्काल प्रभाव से एजेंसी की सेवाएं भी रोक दी गई थीं। साथ ही, एजेंसी से जुड़े सभी उपभोक्ताओं को शहर की नई सड़क स्थित रामेश्वर भारत गैस एजेंसी में ट्रांसफर कर दिया गया था।
इसके अतिरिक्त पहले से की गई एलपीजी गैस बुकिंग को भी रद्द कर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को दोबारा बुकिंग करानी पड़ी। बीपीसीएल की ओर से उपभोक्ताओं को 45 दिन का समय दिया गया था, लेकिन इस प्रक्रिया ने आम लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया था।
अचानक हुए इस फैसले से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकते नजर आए। नई सड़क स्थित रामेश्वर गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ जुटने लगी, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया। कई उपभोक्ताओं ने इस दौरान समय पर गैस नहीं मिलने की शिकायत भी की, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।
न्यायालय के इस आदेश के बाद अब स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। श्रीराम गैस एजेंसी के लगभग 30 हजार उपभोक्ताओं को इस निर्णय से राहत मिलेगी और गैस वितरण व्यवस्था पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में गैस आपूर्ति व्यवस्था भी स्थिर होगी।