भरतपुर

पेट्रोल-डीज़ल वृद्धि के बीच राजस्थान के ‘ऑयल मिल’ में भीषण आग, सब जल गया- करोड़ों का नुक्सान

राजस्थान में एक तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी भयंकर आग, वहीं दूसरी तरफ ऑयल मिल में शॉर्ट सर्किट से करोड़ों का नुकसान। जानें राजस्थान में 25 मई की सुबह-सुबह की दो बड़ी खबरें

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May 25, 2026
Nadbai Mustard Oil Mill Fire Incident - AI PIC

राजस्थान के लिए आज 25 मई 2026 का दिन आर्थिक झटकों वाले दिनों में शुमार हो गया है। राज्य के नागरिक अभी सुबह-सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई रिकॉर्ड-तोड़ और कमरतोड़ बढ़ोतरी से संभल भी नहीं पाए थे कि भरतपुर जिले के नदबई से आई एक आगज़नी की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है। जानकारी के मुताबिक़ नदबई स्थित 'ऑयल मिल' में तड़के सुबह अचानक आग का तांडव शुरू हुआ। मिल में शॉर्ट सर्किट होने के कारण ऐसी आग भड़की, जिसने देखते ही देखते पूरी मिल को अपनी चपेट में ले लिया और वहां रखे डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के सरसों बीज, तैयार सरसों तेल और भारी-भरकम कीमती उपकरणों को पूरी तरह से जलाकर राख के ढेर में तब्दील कर दिया।

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तड़के 4 बजे तबाही का मंजर

भरतपुर जिले के नदबई में डेहरा रोड स्थित श्री शांति ऑयल मिल में रोज की तरह रात की शिफ्ट का काम खत्म होने वाला था और सुबह की तैयारियां चल रही थीं। तभी अचानक सुबह के करीब 4 बजे मिल के ऑयल फिल्टर सेक्शन में आग लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की चपेट में दो बड़े ऑयल फिल्टर पूरी तरह जलकर खाक हो गए, वहीं नीचे रखे तेल के टैंकों में भी आग फैल गई, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना के दौरान आसमान में दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देता रहा।

ऑयल फिल्टर सेक्शन में आग (PIC : Patrika)

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को प्लांट के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

मिल प्रबंधन के अनुसार घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मशीनरी एवं अन्य सामग्री को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

शॉर्ट सर्किट से भड़की चिंगारी: शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ मिल में भारी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील सरसों का तेल और सूखी खल मौजूद थी, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने महज कुछ ही मिनटों में एक विकराल रूप धारण कर लिया।

डेढ़ करोड़ से अधिक का सब कुछ स्वाहा: आग इतनी तेजी से फैली कि मिल के कर्मचारियों को बाहर भागने तक का मौका बमुश्किल मिला। मिल के भीतर भंडारित तैयार तेल के ड्रम और लाखों रुपये की मशीनें धू-धू कर जल उठीं, जिससे प्राथमिक अनुमान के मुताबिक ₹1.5 करोड़ से अधिक का सीधा नुकसान हो चुका है।

Rajasthan Nadbai Mustard Oil Mill Fire Incident (PIC : Patrika)

दमकल की कई गाड़ियों ने पाया काबू: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नदबई प्रशासन और भरतपुर जिला मुख्यालय से दमकल की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई घंटों की मशक्कत के बाद इस भीषण आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक मिल का ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुका था।

एक तरफ 'तेल रेट्स' में आग, दूसरी तरफ 'तेल मिल' राख

यह घटना राजस्थान के खाद्य तेल और पेट्रोलियम बाजार के लिए एक 'ब्लैक मंडे' (Black Monday) जैसी है। एक तरफ परिवहन ईंधन महंगा हो रहा है, जिससे मंडियों तक माल पहुंचाना दूभर है, और दूसरी तरफ उत्पादन मिलें ही जलकर खाक हो रही हैं।

सरसों तेल की कीमतों में भी उछाल की आशंका!

भरतपुर संभाग को पूरे राजस्थान और उत्तर भारत का 'सरसों का कटोरा' कहा जाता है। यहाँ बड़े पैमाने पर सरसों की खेती होती है और नदबई जैसी दर्जनों तेल मिलें पूरे राज्य समेत देश के कोने-कोने में शुद्ध सरसों का तेल सप्लाई करती हैं।

डीजल की मार से बढ़ेगा परिवहन खर्च: डीजल ₹2.72 प्रति लीटर महंगा होने के कारण जो बची हुई मिलें हैं, वे भी मंडियों से सरसों मंगवाने और तैयार तेल को शहरों तक भेजने के लिए ज्यादा भाड़ा वसूलेंगी। इसका सीधा नतीजा यह होगा कि आने वाले दिनों में खुदरा बाजारों में सरसों तेल के पैकेट और पीपे की कीमतों में ₹5 से ₹10 प्रति लीटर की नई तेजी देखने को मिल सकती है।

बिजली विभाग पर उठे गंभीर सवाल

नदबई के चोरपिपरी स्थित श्री शांति ऑयल मिल में हुई इस भयंकर दुर्घटना के बाद व्यापारियों ने गहरा दुख प्रकट किया है। व्यापारियों का आरोप है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली विभाग द्वारा तारों और ट्रांसफार्मर के रख-रखाव में भारी लापरवाही बरती जाती है।

व्यापारियों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में अक्सर वोल्टेज के उतार-चढ़ाव (High Voltage Fluctuations) के कारण शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बिजली विभाग को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद समय पर पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, जिसका खामियाजा उद्योगपतियों को अपनी करोड़ों की संपत्ति और मजदूरों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ता है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की है कि पीड़ित तेल मिल संचालक को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए और राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली के तारों की सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य की जाए।

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Updated on:
25 May 2026 11:11 am
Published on:
25 May 2026 10:47 am
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