
Vishvendra Singh : भरतपुर कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए भरतपुर और डीग जिला कांग्रेस संगठन पर सीधा हमला बोलते हुए दोनों जिलाध्यक्षों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उनकी पोस्ट के बाद जिले की कांग्रेस राजनीति में हलचल तेज हो गई और संगठन के भीतर नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। विश्वेन्द्र सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि भरतपुर और डीग दोनों जिला कांग्रेस कमेटियों के जिला मुख्यालय पर आज तक पार्टी का स्थायी कार्यालय तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होती और संगठन उनसे लगातार दूर होता जा रहा है।
विश्वेन्द्र सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी का जन्मदिन तक दोनों जिलाध्यक्ष याद नहीं रख सके, जो संगठन की सक्रियता पर सवाल खड़ा करता है। पूर्व मंत्री ने भरतपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह की कार्यप्रणाली को सीधे निशाने पर लिया। उनकी इस सार्वजनिक टिप्पणी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता ही जिला नेतृत्व से संतुष्ट नहीं हैं तो निकाय चुनाव, पंचायत राज चुनाव और भविष्य के विधानसभा चुनावों में संगठन को मजबूती कैसे मिलेगी।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि भरतपुर और डीग जिला कार्यकारिणी के गठन में विश्वेन्द्र सिंह समर्थकों को अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया था। ऐसे में उनकी यह नाराजगी संगठनात्मक असंतोष के रूप में भी देखी जा रही है।
गौरतलब है कि भरतपुर और डीग की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। हालांकि भरतपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस की सांसद संजना जाटव निर्वाचित हैं और उनकी जीत में विश्वेन्द्र सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। हाल ही में जाट आरक्षण मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सकारात्मक रवैये की सार्वजनिक सराहना कर विश्वेन्द्र सिंह पहले भी राजनीतिक चर्चाओं में रहे थे।
उधर, विश्वेन्द्र सिंह की पोस्ट पर दोनों जिलाध्यक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पोस्ट वायरल होने के कुछ समय बाद भरतपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश सुपा ने राहुल गांधी का जन्मदिन मनाने संबंधी अखबारों की कटिंग अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर दीं, जिसे राजनीतिक हलकों में विश्वेन्द्र सिंह के आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।