अन्नपूर्णा दूध योजना का उद्घाटन करने पहुंचे प्रभारी व चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने जनसुनवाई की।
भरतपुर। जिले के प्रभारी चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के एक वायरल वीडियो ने राजनीति में हलचल मचा दी है। इसमें सराफ तबादले के लिए आए एक परिवादी से कह रहे हैं कि जिनकी अप्रोच नहीं होती उनके तबादले नहीं किया जाते। कमजोर वालों के नाम हटा दिए जाते हैं। वे अन्नपूर्णा दूध योजना का उद्घाटन करने के लिए आए थे।
कार्यक्रम के बाद होटल में जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान बिजली निगम के एईएन एसके बंसल जयपुर के मालवीय नगर निवासी किसी परिचित की बेटी माथुर का तबादला कराने की सिफारिश करने पहुंचे। उन्होंने माथुर नाम की शिक्षिका का तबादला कराने के लिए जैसे ही बात कही तो चिकित्सा मंत्री ने लताड़ लगाते हुए कहा कि तबादले सिर्फ उन्हीं लोगों के होते है जिनकी अप्रोच होती है।
बगैर अप्रोच वाले तबादला के आवेदनकर्ताओं को हटा दिया जाता है। मंत्री और विधायक को जब पता लगा कि कोई उनकी बातों को रिकार्ड कर रहा है तो उससे मोबाइल छिनाकर रिकार्डिंग डिलीट कर दी। किसी अन्य व्यक्ति ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
विश्वेंद्र सिंह बोले: इतना बड़ा पद और ऐसी ओछी बात
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वेंद्र सिंह ने इस प्रकरण का वीडियो देखने के बाद बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री को इतने बड़े पद पर रहते हुए ऐसी बात करना शोभा नहीं देता है। तबादले तो जातिगत नहीं मैरिट के आधार पर होने चाहिए। मुख्यमंत्री को इन दोनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
-मैं तो जयपुर के एक परिचित की बेटी है जो कि माथुर है। उनके तबादले की सिफारिश करने गया था। मेरा व्यक्तिगत कोई मामला नहीं है।
एसके बंसल एईएन बिजली निगम