भरतपुर

Rajasthan Politics News: ‘डॉ. चंद्रभान जी से बढ़िया स्वागत-सत्कार करेंगे’, जानिए विश्वेन्द्र सिंह का डोटासरा को याद दिलाया 14 साल पुराना किस्सा

Bharatpur Congress May 2012 Case : पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह द्वारा पीसीसी चीफ को दिए गए इस 'स्वागत-सत्कार' के ताने के पीछे मई 2012 का वह दौर है, जिसे राजस्थान कांग्रेस के इतिहास का सबसे बड़ा और हिंसक अंतर्विरोध माना जाता है।
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Oct 03, 2026
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Vishvendra Singh, Govind Singh Dotasra and Dr. Chandrabhan - File PICs

राजस्थान कांग्रेस के भीतर मची राजनीतिक उथल-पुथल और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के पार्टी से इस्तीफे के बाद अब जुबानी जंग और अधिक तीखी हो गई है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के संकेत देते हुए सियासी गलियारों में भूचाल लाने वाले कद्दावर नेता विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की कार्यशैली और बयानों पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक के बाद एक तीखी प्रतिक्रियाएं देते हुए विश्वेंद्र सिंह ने डोटासरा के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन्हें राजस्थान कांग्रेस के इतिहास की एक बेहद चर्चित और विवादास्पद घटना की याद दिलाई है, जिसके बाद से राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

Vishvendra Singh and Govind Singh Dotasra - File PIC

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बयाना में स्वर्गीय बृजेन्द्र सपा के मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के दौरान एक बयान देते हुए कहा था कि "भरतपुर में तो रास्ता पूछने के भी पैसे ले लेते हैं।"

भरतपुर की जनता और वहां के स्वाभिमान पर की गई इस टिप्पणी से आहत होकर विश्वेंद्र सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार करते हुए लिखा कि भरतपुर की जनता के इस अपमानजनक वक्तव्य का जवाब दिया जाएगा और अगली बार जब डोटासरा जी भरतपुर पधारेंगे, तो उन्हें सही रास्ता भी बताया जाएगा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान जी से भी बढ़िया स्वागत-सत्कार किया जाएगा।

उनके इस बयान के बाद सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से तैरने लगा कि आखिर विश्वेंद्र सिंह ने 'डॉ. चंद्रभान के स्वागत' का जिक्र करके किस ऐतिहासिक घटना की तरफ इशारा किया है।

14 साल पुराना किस्सा: जब रणक्षेत्र बन गया था कांग्रेस का कार्यक्रम

Vishvendra Singh Post

पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह द्वारा पीसीसी चीफ को दिए गए इस 'स्वागत-सत्कार' के ताने के पीछे मई 2012 का वह दौर है, जिसे राजस्थान कांग्रेस के इतिहास का सबसे बड़ा और हिंसक अंतर्विरोध माना जाता है।

यह कोई साधारण राजनीतिक स्वागत नहीं था, बल्कि 5 मई 2012 को भरतपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित कांग्रेस की एक संभागीय स्तरीय संगठनात्मक कार्यशाला के दौरान हुआ वो खौफनाक वाकया था जिसने तत्कालीन प्रदेश संगठन को हिलाकर रख दिया था।

Dr. Chandrabhan - File PIC

- मंच पर मौजूद थे दिग्गज: उस समय डॉ. चंद्रभान राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हुआ करते थे। 5 मई 2012 को भरतपुर में आयोजित इस कार्यशाला में डॉ. चंद्रभान के अलावा सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, सांसद और विधायक मंच पर मौजूद थे, और विश्वेंद्र सिंह भी इस कार्यक्रम में शरीक हुए थे।

- कार्यशाला पर धावा और कुर्सियां चलना: बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद, अचानक वहां माहौल गर्मा गया। आरोप है कि लगभग 50 युवाओं के एक गुट ने कार्यक्रम स्थल पर धावा बोल दिया और पंडाल को पूरी तरह रणक्षेत्र में बदल दिया।

- कुर्सियों-सोफों के पीछे छिपकर बचाई जान! : हमलावरों ने मंच पर मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, तत्कालीन निवर्तमान जिला अध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्षों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि कई वरिष्ठ नेताओं को अपनी जान बचाने के लिए कुर्सियों और सोफों के पीछे दुबकना पड़ा था।

- बीच-बचाव के बाद भागे थे पीसीसी चीफ: भारी हंगामे और मारपीट के बीच बमुश्किल सुरक्षा के साथ डॉ. चंद्रभान को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अपनी बैठक बीच में ही रद्द करनी पड़ी और वे उसी वक्त भरतपुर छोड़कर जयपुर लौट गए थे।

पुराना हत्या का मामला और अंदरूनी कलह

पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह - फ़ाइल तस्वीर

मई 2012 में भरतपुर में हुई कांग्रेसी नेताओं की सरेआम पिटाई के मामले में जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की रिपोर्ट के आधार पर पूर्व सांसद विश्वेंद्र सिंह को दिल्ली तलब किया गया था, तब उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पीसीसी चीफ डॉ. चंद्रभान पर बेहद गंभीर और व्यक्तिगत आरोप मढ़े थे। सिंह ने साफ किया था कि कार्यक्रम में हंगामा करने वाली भीड़ का नेतृत्व उन्होंने नहीं किया था, बल्कि वे दो अलग-अलग गुट थे जो तत्कालीन जिला अध्यक्षों और खुद पीसीसी अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान की कार्यप्रणाली से नाराज थे।

विश्वेंद्र सिंह ने उस वक्त सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया था कि डॉ. चंद्रभान 1970 के दशक में उनके पैतृक गांव सिनसिनवार के रहने वाले एक व्यक्ति, ब्रिजेश शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जा चुके थे। सिंह के मुताबिक, 5 मई को विरोध करने वालों में सिंसिनवार गांव के वे लोग भी शामिल थे जो चंद्रभान के इस अतीत से आहत थे और वे खुद तो केवल भीड़ को शांत करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने चंद्रभान को चुनौती दी थी कि यदि उच्च न्यायालय ने उन्हें इस मामले में बरी किया है, तो वे इसके दस्तावेज़ सार्वजनिक करें।

दूसरी ओर, डॉ. चंद्रभान ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताते हुए एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया था, जिस पर विश्वेंद्र सिंह ने सवाल उठाया था कि यदि यह घरेलू मामला है तो पीसीसी चीफ अखबारों और टीवी चैनलों पर इस पर बयानबाजी क्यों कर रहे हैं। इस पूरे विवाद पर भरतपुर जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के तत्कालीन अध्यक्ष गिरधारी लाल चौधरी ने विश्वेंद्र सिंह के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उन्हें एक "हताशा में दी गई प्रतिक्रिया" करार दिया था।

विश्वेंद्र सिंह का पक्ष और राजनीतिक मायने

Vishvendra Singh Resigns Congress - File PIC

इस पूरी घटना के दौरान और उसके बाद भी विश्वेंद्र सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया था कि यह हमला उन्होंने करवाया था। उनका तर्क था कि यह विरोध उन स्थानीय कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का स्वतः गुस्सा था, जो तत्कालीन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की कार्यशैली और स्थानीय भूमि विवादों से बुरी तरह त्रस्त थे।

विश्वेंद्र सिंह ने उस समय सार्वजनिक रूप से यह तक कह दिया था कि भरतपुर के स्थानीय लोगों का यह गुस्सा जिला संगठन की गलत नीतियों के खिलाफ एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया था।

अब 14 साल बाद के इस राजनीतिक घटनाक्रम में जब विश्वेंद्र सिंह ने वर्तमान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को उसी घटना की याद दिलाई है, तो इसके निहितार्थ बहुत गहरे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के जरिए विश्वेंद्र सिंह ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि भरतपुर के राजनीतिक मिजाज और वहां के स्थानीय स्वाभिमान को कम आंकने की गलती न की जाए। कांग्रेस पार्टी छोड़ने के बाद उनके ये आक्रामक तेवर आने वाले दिनों में राजस्थान की सियासत में और क्या नए रंग दिखाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Updated on:
03 Oct 2026 01:39 pm
Published on:
03 Oct 2026 12:13 pm