भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-1 में बुधवार की रात कैपिटल रिपेयर के बाद शुरू किया गया। सीईओ ने बटन दबा कर ब्लो इन शुरू की। अब 18 घंटे में इससे हॉट मेटल का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस-1 में बुधवार की रात 9 बजे सीईओ एम रवि ने पूजा अर्चना के बाद अग्नि प्रज्वलित की। बीएसपी का यह फर्नेस 5 माह से बंद था। कैपिटल रिपेयर के बाद इसे शुरू किया गया है। सीईओ ने बटन दबा कर ब्लो इन शुरू की। अब 18 घंटे में इससे हॉट मेटल का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
स्वर्णिम इतिहास है ब्लास्ट फर्नेस-1 का
बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-1 को 4 फरवरी 1959 में शुरू किया गया था। आज 60 साल बाद भी भिलाई इस्पात सयंत्र के लिए इसे गौरव के रूप में देखते हैं। इसे भिलाई का सौभाग्य माना जाता है। इसके शुरू हो जाने से पुन: प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। यह फर्नेस फरवरी में शैल प्लेट फटने की वजह से बंद हो गया था। इसके बाद बीएसपी हॉट मेटल में लगातार पिछड़ता गया। अब फर्नेस फिर शुरू हो गया है। प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि सब कुछ पटरी पर लौट जाएगा।
उच्चाधिकारियों की निगरानी में हुआ कैपिटल रिपेयर
बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस-1 के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि इसके कैपिटल रिपेयर पर खुद सीईओ लगातार नजर रखे हुए थे। इस काम को एचएससीएल, सीआरएम, सीएचएम, ब्लास्ट फर्नेस, मैकेनिकल, पीएलईएम व इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के कर्मियों ने रात दिन एक कर तैयार किया है।
यह है क्षमता
886 घन मीटर की वर्किग वाल्यूम वाले इस फर्नेस से 1772 टन प्रति दिन हॉट मेटल का उत्पादन लिया जा सकता है। पहले इस फर्नेस ने अपने 60 साल के जीवन काल में 1900 से 2000 टन प्रतिदिन का उच्च उत्पादन दर की उचाइयों का स्पर्श भी किया है। अपनी स्थापना के बाद से इस फर्नेस को 9 बार कैटेगरी-1 के कैपिटल रिपेयर के लिए शट डाउन किया जा चुका है। इसके पहले फरवरी 2006 में इसमें कैटेगरी-1 का कैपिटल रिपेयर किए थे।
पूर्व सोवियत संघ के साथ तकनीकी और आर्थिक सहयोग से 10 लाख टन प्रतिवर्ष हॉट मेटल की उत्पादन क्षमता वाले निर्मित एकीकृत इस्पात संयंत्र का यह पहला ब्लॉस्ट फर्नेस है। 1957 में इसके निर्माण का कार्य शुरू हुआ था और 31 जनवरी, 1959 में यह फर्नेस प्रज्वलित किए थे। 4 फरवरी, 1959 को देश के प्रथम राष्ट्रपति महामहिम डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन करते हुए पहली बार हॉट मैटल प्राप्त किया था।
ब्लास्ट फर्नेस-६ और ८ का बदला जा रहा ट्यूअर्स
ब्लास्ट फर्नेस-6 और 8 के शेष खराब ट्यूअर्स को बदलने के लिए ३६ घंटे का मेंटनेंस पर लिया गया है। कयास लगाया जा रहा है कि ४८ घंटे में यह काम पूरा हो पाएगा, जिसके बाद ही उत्पादन लेना शुरू किया जाएगा। इन फर्नेस के मेंटनेंस में होने से उत्पादन दो हजार से अधिक घट गया है।