देश के सबसे बड़े उद्योग समूह अडानी की कंपनी अडाानी टोटल गैस (एटीजीएल) दुर्ग समेत 5 जिलों में गैस वितरण नेटवर्क के लिए सीएनजी स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करना चाहती है। इसको लेकर भिलाई स्टील प्लांट और नगर निगम, दुर्ग, भिलाई समेत अन्य निकायों से पाइप लाइन बिछाने के लिए अनुमति मांगा है। टाउनशिप में पाइप बिछाने का काम आसानी से किया जा सकेगा। सेक्टर की बसाहट योजनाबद्ध तरीके से है। यहां कंपनी को घरेलू गैस आपूर्ति के लिए पाइप बिछाने में दिक्कत नहीं होगी। टाउनशिप में घर-घर तक पाइप कनेक्शन लग जाने के बाद गैस की आपूर्ति बिना बाधा के नियमित होती रहेगी।
अहमदाबाद, गुजरात में पंजीकृत अडानी टोटल गैस कंपनी अब गैस नेटवर्क का काम दुर्ग, मुंगेली, बेमेतरा, बालोद, धमतरी जिलों में शुरू कर रही है। कंपनी को भौगोलिक क्षेत्र में सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विकास के लिए अधिकृत किया गया है। पीएनजीआरबी से दिए गए प्राधिकरण के आधार पर, सभी पांच जिलों के विभिन्न स्थानों पर सीएनजी स्टेशन का निर्माण कार्य करेगी। पाइप लाइन स्टील का होगा, इसका नेटवर्क डामरीकृत सड़क, आरसीसी सड़क के आरओडब्लू के साथ-साथ व उसके भीतर तैयार जमीन पर बिछाया जाएगा। गैस वितरण उद्योगों में प्रचलित सुरक्षा के मानकों का पालन करेगी।
Adani Total Gas Limited अडानी टोटल गैस लिमिटेड ने दुर्ग जिले में शहरी गैस वितरण के लिए विभिन्न सीएनजी स्टेशनों और अन्य उपभोक्ताओं तक प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित पाइप लाइन सुपेला, भिलाई में सब्जी मंडी चौक के पास से राष्ट्रीय राजमार्ग 53 जंक्शन पर प्रस्तावित पाइप लाइन नेटवर्क से शुरू होकर गुजरेगा। यह पाइप लाइन एचपी पेट्रोल पंप, खंडेलवाल सीएनजी स्टेशन पर समाप्त होगा।
कंपनी भविष्य में इन जिलों में घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पाइप प्राकृतिक गैस वितरण करेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) भारत सरकार का वैधानिक निकाय है, जो पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस के शोधन, परिवहन, वितरण, भंडारण, विपणन, आपूर्ति और बिक्री के विनियमन में लगा हुआ है। ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके। देश के सभी हिस्सों में पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस की निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति तय की जा सके।
यह परियोजना पीएनजीआरबी (पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन) के निर्देशों के अनुसार कार्यान्वित की जा रही है। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को कम करना और अधिकृत भौगोलिक क्षेत्रों में हरित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है। अन्य सभी ईंधनों की तुलना में ईंधन के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग करके 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करने के केंद्र सरकार के उद्देश्य में भागीदारी करना है। https://www.patrika.com/prime/exclusive/omg-without-any-order-the-school-was-shifted-from-one-place-to-another-19080686