
Chhattisgarh Sports News: फीफा विश्व कप के रोमांच के बीच दुर्ग-भिलाई के खेल प्रेमियों के लिए भी गर्व का एक नाम तेजी से उभर रहा है। यह नाम है युवा गोलकीपर अर्श अनवर शेख का, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर भारतीय फुटबॉल के बड़े मंच तक पहुंचकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। दुर्ग की गलियों से निकलकर पेशेवर फुटबॉल की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले अर्श आज इंडियन सुपर लीग क्लब केरला ब्लास्टर्स एफसी का हिस्सा हैं। इसके साथ ही वे भारत की अंडर-23 राष्ट्रीय टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
2025-26 सत्र में अर्श ने केरला ब्लास्टर्स के लिए 12 मुकाबले खेले। सभी मैचों में वे शुरुआती एकादश का हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने 26 महत्वपूर्ण बचाव किए और एक क्लीन शीट भी दर्ज की। उनका प्रदर्शन बताता है कि भारतीय फुटबॉल को एक भरोसेमंद युवा गोलकीपर मिल रहा है। अर्श अनवर शेख की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा, समर्पण और निरंतर मेहनत के बल पर छोटे शहरों से निकले खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। आज दुर्ग का यह बेटा न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का प्रतीक बन चुका है।
2024 अर्श के करियर का अहम पड़ाव साबित हुआ, जब उन्हें भारत की अंडर-23 राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। मलेशिया के खिलाफ उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। किसी भी खिलाड़ी के लिए देश का प्रतिनिधित्व सबसे बड़ा सम्मान होता है और अर्श ने यह उपलब्धि अपनी मेहनत से हासिल की। आज अर्श की कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
दुर्ग-भिलाई का यह युवा गोलकीपर अब न केवल अपने परिवार और शहर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गर्व बन चुका है। भारतीय फुटबॉल में उनका बढ़ता कद आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर इशारा करता है, और यह कहना गलत नहीं होगा कि अर्श अनवर शेख भारतीय फुटबॉल के भविष्य का एक मजबूत चेहरा बनकर उभर रहे हैं।