Hemchand Yadav University : हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज में चल रहा बीबीए और बीसीए कोर्स जल्द ही अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआईसीटीई के दायरे में आ सकता है।
भिलाई। Hemchand Yadav University : हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज में चल रहा बीबीए और बीसीए कोर्स जल्द ही अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआईसीटीई के दायरे में आ सकता है। इसके लिए एआईसीटीई की तरफ से प्रक्रियाएं तेज हो गई हैं। यदि ऐसा होता है तो विद्यार्थियों को बड़ा फायदा मिलेगा। उनकी कोर्स की डिमांड ग्लोबल हो जाएगी। इसके लिए कॉलेजों को एआईसीटीई से भी अप्रूवल लेना होगा। हाल ही में एआईसीटीई ने अप्रूवल के लिए हैंडबुक जारी की है। इसको लेकर हाल ही में एक बैठक भी रखी गई, जिसमें संभाग के कॉलेज संचालक शामिल हुए।
क्यों पड़ रही जरूरत
मैनेजमेंट और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे कोर्स को हमेशा से ही एआईसीटीई के दायरे में रखा गया है, क्योंकि इन्हें प्रोफेशनल कोर्स कहा जाता है। बीबीए और बीसीए भी मैनेजमेंट, कंप्यूटर से जुड़े कोर्स हैं। ऐसे में इनका भी एआईसीटीई अप्रूवल कराने के लिए मसौदा तैयार किया जा रहा है। एआईसीटीई का मकसद इन कोर्स के विद्यार्थियों को बेहतर गुणवत्ता शिक्षा से जोड़ना है।
कॉलेजों को बीबीए और बीसीए संचालित करने आगामी सत्र से एआईसीटीई से मंजूरी लेने का मौका मिलेगा। यह पहली बार है जब बीबीए और बीसीए को भी एआईसीटीई अप्रूवल देगा। इसके संबंध में सभी कॉलेजों से फीडबैक लिया जा रहा है। बीबीए और बीसीए का अप्रूवल देने के लिए दो कैटेगरी तय की गई हैं। पहली ऐसे टेक्निकल कॉलेज जो पहले से ही यूजी कोर्स यूनिवर्सिटी से संबद्धता लेकर संचालित कर रहे हैं। दूसरे नए कॉलेज जो इन कोर्सेस को शुरू करना चाहते हैं।
इनको नहीं है अनिवार्यता
पुराने कॉलेजों के लिए फिलहाल एआईसीटीई अप्रूवल अनिवार्य नहीं किया गया है। यदि वे एप्रवूल ले लेते हैं तो उनके विद्यार्थियों को ही फायदा पहुंचेगा। डिग्री कन्वेशनल/एकेडमिक नहीं होकर प्रोफेशनल डिग्री कहलाएगी। एआईसीटीई से अप्रूवल का मसौदा फाइनल होने के बाद यह कोर्स फीस विनियामक आयोग में भी जाएगी। यानी इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की तरह बीबीए और बीसीए की फीस भी निर्धारित होगी। कोर्सेज को विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों से तय होते हैं। अलग से एजेंसी से अनुमति की जरूरत नहीं होती।