भिलाई

Coaching center News: भिलाई निगम की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ हादसे के बाद 8 कोचिंग सेंटर सील

Coaching centre sealed: निगम ने सभी शिक्षण संस्थानों को 20 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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Jun 26, 2026
Coaching center News
लखनऊ हादसे के बाद 8 कोचिंग सेंटर सील (Photo Patrika)

Bhilai News: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक एनिमेशन व कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद नगर निगम भिलाई ने शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देश पर निगम की टीम ने भिलाई के एजुकेशन हब कहे जाने वाले सिविक सेंटर स्थित अलग-अलग कोचिंग सेंटरों में दबिश देकर सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया।

8 कोचिंग सेंटर सील

इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 8 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। सील किए गए संस्थानों में सीएडी, वेदांतु, रामा और मोतिन शामिल हैं। अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकासी की जांच निरीक्षण के दौरान निगम अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा सुविधाओं सहित निर्धारित मापदंडों का जायजा लिया। टीम ने संचालकों को सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए निर्धारित प्रपत्र और फॉर्म वितरित किए।

20 दिनों में देनी होगी जानकारी

संस्थानों को सुरक्षा संबंधी पूरी जानकारी भरकर 20 दिन के भीतर निगम में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए निगम ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सीलबंद कर दिया।

सभी संस्थानों की होगी जाँच

निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। आयुक्त पांडेय ने कहा कि शहर में संचालित सभी कोचिंग व शिक्षण संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही कोचिंग में छात्र-छात्राओं के जीवन को खतरे में डाल सकती है।

निगम द्वारा मांगी गई यह जानकारी

संस्थान का नाम, भवन में कुल मंजिलों व कमरों की संख्या, अग्निशामक यंत्रों की संख्या व प्रकार, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेट व वाटर टैंक की व्यवस्था शामिल है। आपातकालीन निकास की संख्या, खिडक़ी-दरवाजे की स्थिति, अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों की संख्या और फायर एनओसी की वैधता अवधि भी बतानी होगी।

अग्निशमन उपकरण और इमरजेंसी व्यवस्था की जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह देखा कि संस्थानों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं, फायर अलार्म सिस्टम कार्यरत है या नहीं, आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं। इसके अलावा विद्युत सुरक्षा, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य सुरक्षा सुविधाओं की भी जांच की गई।

Published on:
26 Jun 2026 02:07 pm