
भिलाई. शहर में कुत्तों और सूअरों ने आतंक मचा रखा है। लेकिन यह खूंखार अब आदमखोर भी हो गए हैं। ऐसा पहला वाकया सामने आया है जिसमें कुत्तों और सुअरों ने जिंदा बुजुर्ग पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। वंृदावन वार्ड 17 की बचनी देवी (64) का क्षत-विक्षत शव में बुधवार को रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई। एक बुजुर्ग महिला आवारा खूंखार कुत्तों और आदमखोर सुअरों के आतंक का शिकार बन गई।
कुत्ते और pig महिला को जिंदा नोचकर खाक गए। शाम को बस्ती के कुछ बच्चों ने सुअरों के झूंड में बुजुर्ग महिला को घिरे हुए देखा। pig और कुत्ते महिला को नोंच खा रहे थे। बच्चों ने बस्ती में आकर बताया तो यह खबर आग की तरह फैली। बुजुर्ग महिला परिजनों तक बात पहुंची। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो सुअरों और कुत्तों ने बुजुर्ग महिला के शरीर को नोच डाला था। महिला की मौत हो चुकी थी। सिर को छोड़कर शरीर का कोई भी हिस्सा नहीं बचा था।
पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग महिला के पुत्र कृष्णा राय ने छावनी पुलिस को इसकी सूचना दी। यह घटना बुधवार रात ७ बजे की है। पुलिस ने सूचना मिलने पर महिला के शरीर के शेष बचे कुछ हिस्सों को मॉच्र्युरी में रखवाया है। कुत्तों को पकड़कर मंत्रालय तक छुड़वाने वाले वार्ड पार्षद व निगम एमआईसी सदस्य दिवाकर भारती ने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट का ऑक्सीडेशन पौंड है। जिसे अतिक्रमणकारियों ने पाट दिया है।
यहां पहले बीएसपी का गंदा पानी इक_ा किया जाता था। अब यहां कचरा फेंकने लगे हंै। कचरे की ढेर लगने से टीला सा बन गया है। बचनी देवी इसी कचरे के ढेर में गिरकर दूसरी तरफ चली गई। वहां हमेशा मौजूद रहने वाले कुत्तों और सुअरों ने अपना शिकार
बना लिया।
भटक कर कचरे के ढेर पर पहुंची बुजुर्ग
बचनी देवी बुधवार सुबह १० बजे घर से निकल गई थी। उम्रदराज होने के कारण याददाश्त कमजोर हो गई है। घर से निकली और देर शाम तक नहीं लौटी तो परिजन ने उसे तलाश किया। फिर छावनी थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। माना जा रहा है कि बुजुर्ग महिला रास्ता भूल गई थी। वह पैदल चलते जा रही थी। कचरे के ढेर से वह नीचे गिर गई और कचरा में जाकर फंस गई। वहां से निकल नहीं सकी। मौके पर सुअरों और कुत्तों ने हमला कर दिया और उसे नोचकर खा गए।
कुत्तों को मंत्रालय छोड़ा तब हुआ कुत्तों की नसबंदी और सुअरों को पकडऩे का टेंडर
क्षेत्र में आवारा कुत्तों और सुअरों के आतंक से लोग परेशान हैं। वार्ड 17 के पार्षद दिवाकर भारती ने आवाज उठाई और कुत्तों को पकडऩे का अभियान भी चलाया। कुत्तों को पकड़कर जनदर्शन और सैकड़ों कुत्तों को मंत्रालय तक छोड़ आए। वहीं सुअरों को भी जंगलों में छोड़ा। इसके बाद 681 रुपए प्रति pig पकडऩे का टेंडर भी हो गया। हैदराबाद इंटरनेशनल पोर्क डिस्पोस्ट कंपनी को टेंडर मिला लेकिन अभी तक वर्क का आदेश नहीं हुआ।
विवादों में उलझा ठेका
कुत्तों की नसबंदी का टेंडर विवाद में है। महापौर देवेंद्र यादव ने कहा कि वे अधिकारियों से इसकी जानकारी लेंगे। कलेक्टर से लेकर जिम्मेदार अधिकारी भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। जनता से कोई लेना-देना नहीं है। वार्ड पार्षद के साथ वे प्रयास करते रहे फिर भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इस घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार है।