Bhilai Nagar Nigam: भिलाई नगर निगम का 800 करोड़ रुपए का बजट महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में पेश किया गया। पहले दिन आय पर चर्चा पूरी हुई..
Bhilai Nagar Nigam: भिलाई नगर निगम का वर्ष 2026-27 का करीब 800 करोड़ रुपए का बजट महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में पेश किया गया। आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने एमआईसी सदस्यों के सामने बजट प्रस्तुत किया। पहले दिन की बैठक में केवल आय के स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें निगम की वित्तीय स्थिति, राजस्व बढ़ाने के उपाय और पिछले वर्षों की आय के आंकड़ों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि आय बढ़ाने के लिए कर संग्रह में सुधार, बकाया वसूली और नए स्रोतों की तलाश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि बजट के व्यय (खर्च) पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद बजट को अंतिम रूप देने के लिए तीन दिनों के भीतर किसी भी समय सभापति विशेष सामान्य सभा बुला सकते हैं, जिसमें पार्षदों की सहमति से बजट पारित किया जाएगा। बैठक के दौरान एमआईसी सदस्यों को बजट पुस्तिका उपलब्ध कराई गई, जिसे चर्चा के बाद वापस ले लिया गया ताकि उसमें आवश्यक संशोधन किए जा सकें।
पिछले बजट में महापौर नीरज पाल ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मदर्स मार्केट और खुर्सीपार में गारमेंट फैक्ट्री शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि, मदर्स मार्केट वर्तमान में बंद पड़ा है और अपेक्षित लाभ नहीं दे पा रहा है। वहीं करीब चार करोड़ रुपए की लागत से तैयार गारमेंट फैक्ट्री भवन भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। मशीनों की खरीदी के लिए हाल ही में निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन उत्पादन कब शुरू होगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
महापौर ने निगम की आय बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपए के बॉन्ड जारी करने की घोषणा भी की थी। यह कदम शहर के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने के उद्देश्य से प्रस्तावित था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बॉन्ड जारी करने के लिए निगम को अपनी वित्तीय विश्वसनीयता और राजस्व संग्रह की स्थिति मजबूत करनी होगी।
नगर निगम की आय मुख्य रूप से प्रॉपर्टी टैक्स, विभिन्न करों, शुल्क, अर्थदंड, समझौता शुल्क, शासकीय अनुदान, ब्याज, ऋण और अन्य प्राप्तियों से होती है। वहीं निगम के बजट में प्रमुख खर्च वेतन-भत्ते, वाहन संचालन, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, लोक स्वास्थ्य सेवाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, देनदारियों के भुगतान, लोक निर्माण कार्य, दूषित जल प्रबंधन और सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत पर किया जाता है।
बैठक में महापौर नीरज पाल, एमआईसी सदस्य सीजू एंथोनी, लक्ष्मीपति राजू, चंद्रशेखर गवई, केशव चौबे, संदीप निरंकारी, मन्नान गफ्फार खान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस बार बजट को अधिक व्यवहारिक और विकासोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।