कैंप-वन प्रगति नगर में मंगलवार को एक ही घर से सात अर्थियां निकली तो पूरा मोहल्ला रो पड़ा। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल दहल गया। हर तरफ रुदन और सिसकियां सुनाई दे रही थी।
भिलाई. कैंप-वन प्रगति नगर में मंगलवार को एक ही घर से सात अर्थियां निकली तो पूरा मोहल्ला रो पड़ा। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल दहल गया। हर तरफ रुदन और सिसकियां सुनाई दे रही थी। जैसे ही शवयात्रा कब्रिस्तान के लिए निकली रास्तेभर लोग कांधा देेकर शोक संतप्त तेलुगु परिवार का दुख बांटते नजर आए।
रविवार को कैंप-वन के तेलुगु परिवार के 9 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी
रविवार को देवी बम्लेश्वरी का दर्शन कर डोंगरगढ़ से लौट रहे कैंप-वन के एक तेलुगु परिवार के 9 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सोमनी के पास उनकी कार एक ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में कार चालक ने भी दम तोड़ दिया था। ए. विजय और उसकी पत्नी ए नागमणी तथा कार चालक अब्दुल हसन उर्फ आसिफ का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। मृतकों में कुछ लोग आंध्रप्रदेश के थे इसलिए उनके परिजन के आने का इंतजार किया जा रहा था। सभी के शव मॉच्र्युरी में रख दिए गए थे। मंगलवार को के आदिनारायण और उसकी पत्नी के सावित्री, पी मंगय्या और उसकी पत्नी पी वेंकट लक्ष्मी, पी मनीषा, एस मंजू और एस वेंकटलक्ष्मी का अंतिम संस्कार रामनगर के कब्रस्तान में एक साथ किया गया।
गली में एक साथ कतार से रखी अर्थी
दोपहर 2.35 बजे सातों शव को मॉच्र्युरी से यहां लाया गया। इससे पहले पूरे प्रगति नगर के लोग गली में इक_े हो गए थे। एक-एक कर जब शव को वाहन से उतरा गया। कफन में लिपटे शवों को घर के सामने गली में ही कतार से पहले से सजी अर्थियों पर रखा गया। यह दृश्य देखकर ऐसी कोई आंख नहीं रही होगी जो न रोई हो।
परिजन बेहोश हो गए, अस्पताल पहुंचाना पड़ा
अंतिम दर्शन के बाद जब शवायात्रा के लिए अर्थी उठाने लगे तो परिजन के रूदन से पूरा मोहल्ला गूंज गया। परिजनों में कई लोग बेहोश होकर गिर पड़ रहे थे। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ बेसुध से थे जिन्हें मोहल्ले के लोग संभाले हुए थे। इसके बाद शवयात्रा रवाना हो गई। वहां पहले से ही सात गड्ढे खोदकर तैयार थे। सामाजिक रीति रिवाज के साथ सभी को अलग-अलग गड्ढों में दफनाया गया।
पत्नी के अंतिम दर्शन के लिए घायल पति को एंबुलेंस में लाया कब्रस्तान
एस बेंकट लक्ष्मी के शव को दफनाने से पहले हादसे में घायल उसके पति एस वेंकटेश्वरलु को उनके अंतिम दर्शन के लिए एंबुलेंस में कब्रस्तान लाया गया। स्ट्रेचर पर लेटे वेंकटेश्वरल को तब भी डिप चढ़ा हुआ था। अपनी पत्नी का शव देखकर वह फफक पड़ा।
शोक परिवार को ढाढस बंधाने पहुंचे जनप्रतिनिधि
शोकाकुल परिवार को ढाढस बंधाने के लिए वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन, महापौर देवेंद्र यादव सहित कैंप क्षेत्र के पार्षद और सभी दलों के प्रतिनिधि पहुंचे।
भिलाई में दशहरा देखने हर साल आते हैं
मृतकों का परिवार उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के गृह जिले ओंगोल (आंध्रप्रदेश) से है। यहां कमाने खाने आए हैं। हर साल नवरात्रि व दशहरा के मौके पर ओंगोल से मेहमान यहां आते हैं फिर साथ में मिलकर देवी बम्लेश्वी के दर्शन करने डोंगरगढ़ जाते है।