बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट, बोनस, समर्थन मूल्य, भू-अर्जन जमीन का मुआवजा, बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों को लेकर पाटन आगमन पर सीएम को काला झंडा दिखाएंगे
सेलूद . बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट, बोनस, समर्थन मूल्य, भू-अर्जन जमीन का मुआवजा, बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों को लेकर पाटन आगमन पर सीएम को काला झंडा दिखाएंगे। यह जानकारी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाटन के अध्यक्ष मेहत्तर वर्मा ने शनिवार को मीडिया को दी। उन्हें किस तरह से मौके पर काले झंडे दिखाएंगे इस रणनीति का खुलासा नहीं किया।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के मुखिया एक अक्टूबर को अटल विकास यात्रा में पाटन आ रहे है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी। बिलासपुर में सरकार की सह पर कांग्रेस के कार्यालय में घुसकर कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दौड़ा दौड़ा कर मारा। यह सीएम का तानाशाही रवैया को दर्शाता है। इसी तरह स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही हैं। बेरोजगार युवाओं का समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बोनस की घोषणा के बाद भी नहीं दिया। चुनाव आ रहा है तो किसान याद आ रहे है। दो साल का बोनस किसानों को नहीं दिया। इसलिए किसान भी सैकड़ों की संख्या में मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाएंगे। जिला पंचायत सदस्य राकेश ठाकुर व पाटन विधानसभा प्रभारी राजेन्द्र साहू ने बताया कि अभी भारत माला सड़क परियोजना में किसानों की किस आधार पर मुआवजा की राशि दी जाएगी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि भाजपा के मंत्री और बड़े नेताओं द्वारा इस एरिया में खरीदी बिक्री प्रतिबंध होने से पहले ही जमीन खरीद ली थी। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा मुआवजा पा सके। यह सरकार के मंत्रियों के मिलीभगत को दर्शाती है। इसकी भी जांच की जाना चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से उलझे कांग्रेसी
पत्रवार्ता के दौरान पीसीसी चीफ के गिरफ्तारी के संबंध में मुख्यमंत्री का विरोध किया जाएगा कि नहीं इस सवाल पर कांग्रेस कार्यकर्ता व पूर्व विधायक प्रतिनिधि कौशल चन्द्राकर पत्रकारों पर ही भड़क उठे। उन्होंने कहा कि यह मामला अभी नहीं उठाया जा रहा है तो इस पर सवाल क्यों पूछ रहे हो। पत्रकारों ने एक बार फिर सवाल दोहराया तो कौशल चन्द्राकर ने पत्रकारों को बिकाउ और चाटुकार तक कह दिया। उनका इतना कहने पर पत्रकारों ने पे्रसवार्ता का बहिष्कार कर दिया। ब्लॉक अध्यक्ष मेहत्तर वर्मा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस घटना की पत्रकार संघ के अध्यक्ष सन्दीप मिश्रा सहित पाटन ब्लॉक के सभी मीडिया कर्मियों ने निंदा की हैं।
रुही के मनरेगा मजदूर सीएम को दिखाएंगे काला झंडा
ग्राम रुही के मजदूरों को एक साल से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। इससे आक्रोशित मजदूर एक अक्टूबर को सीएम के पाटन आगमन पर काला झंडा दिखाएंगे। जानकारी के अनुसार ग्राम रुही में वर्ष 2017 में 26 मजदूर, वर्ष 2018 में 23 मजदूर का लगभग 3 लाख 50 हजार का भुगतान बकाया था। इनमें से कुछ मजदूरों का भुगतान कलक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद किया था। इसके बाद भी एक दर्जन से अधिक मजदूरों को अभी तक भुगतान शेष है। मजदूर इंद्राणी पटेल, मीणा सिंगौर, जामिन पटेल, पुनीत पटेल, गायत्री पटेल, कला बाई, सोहन जोशी, शैलेन्द्री, चंद्रप्रकाश, गिरधारी सिंगौर, रामशिला बाई सहित अन्य को मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। ग्राम के पूर्व सरपंच सुरेश सिंगौर, कांग्रेसी नेता लवकुश चन्द्राकर ने बताया कि भुगतान नहीं होने से मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जनपद पंचायत पाटन के सीईओ से लेकर कलक्टर तक को ज्ञापन सौंप चुके है। इसके बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है।