
CG News: खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अहम खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम ने विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीजों की नई दरें घोषित कर दी हैं। नई दरों के अनुसार धान की खेती करने वाले किसानों को कुछ राहत मिली है, जबकि दलहन और तिलहन की फसलें इस बार महंगी पड़ेंगी। बीज निगम रुआबांधा केंद्र के मुताबिक, मोटा और पतला धान के बीज की कीमतों में कमी की गई है।
सरकार मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। कोदो-कुटकी 7,245 रुपए प्रति क्विंटल और रागी 7,229 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। मोटा धान 3,550 रुपए से घटकर 3,478 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है, जबकि पतला धान 4,030 रुपए से घटकर 3,919-3,949 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं, सुगंधित धान के बीज की कीमत बढ़ा दी गई है।
दलहन फसलों में भी तेज उछाल देखा गया है। उड़द 11,300-11,400 रुपए से बढ़कर 14,351 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। मूंग 14,006 रुपए प्रति क्विंटल और अरहर 11,369 रुपए से बढ़कर 13,220 रुपए प्रति क्विंटल हो चुका है।
इस वर्ष सबसे ज्यादा असर दलहन और तिलहन फसलों पर पड़ा है। सोयाबीन 7,400 रुपए से बढ़कर 9,573-9,805 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। यानी करीब 2,100 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एस.के. बेहरा, प्रबंधक बीज विकास निगम रुआबांधा के मुताबिक, प्रमाणित बीजों की दरें तय कर दी गई हैं। आधार बीजों की कीमत प्रमाणित बीजों से 100 रुपए प्रति क्विंटल अधिक रखी गई है। किसान अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकते हैं।
3 उपार्जन केंद्रों से 4472 क्विंटल धान गायब, किसानों के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी का खुलासा- कबीरधाम जिले में धान घोटाला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व में कई धान खरीदी व संग्रहण केंद्रों में करोड़ों रुपए के घोटाले हुए, जिसमें कई निलंबित व एफआईआर भी हुए। वहीं अब भौतिक सत्यापन के बाद फिर से तीन उपार्जन केंद्रों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। तीन धान खरीदी केंद्र बघर्रा, बाघामुड़ा और रमतला से सामने आए जांच प्रतिवेदन इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह महज अनियमितता नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित आर्थिक अपराध है… पूरी खबर पढ़े