CG News: दुर्ग के सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में सजा काट रही एक महिला बंदी ने बच्चे को जन्म दिया है। मेडिकल टीम ने उसका सुरक्षित प्रसव कराया है…
CG News: जेल की चारदीवारी के भीतर मानवीय करुणा और संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। हत्या के एक प्रकरण में निरुद्ध गर्भवती महिला बंदी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने समय रहते हस्तक्षेप कर न केवल उसके मातृत्व अधिकारों की रक्षा की, बल्कि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर उम्मीद की नई सुबह दी। नए साल की पूर्व संध्या पर केंद्रीय जेल में गूंजी नवजात की किलकारी इस संवेदनशील पहल का प्रत्यक्ष प्रमाण बनी।
जेल प्रशासन के सहयोग से गर्भावस्था के अनुरूप पौष्टिक आहार, नियमित चिकित्सकीय जांच और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण इस अवधि में महिला को निरंतर काउंसलिंग और भावनात्मक संबल भी प्रदान किया गया, ताकि वह गरिमा और सुरक्षित वातावरण में मातृत्व का अनुभव कर सके।
महिला बंदी के गर्भवती होने की सूचना मिलते ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने सजा और मातृत्व के बीच संतुलन बनाते हुए महिला के अधिकारों की सतत निगरानी की और आवश्यक समन्वय स्थापित किया।
विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रिय भूमिका और जेल की मेडिकल टीम की सतर्कता का सुखद परिणाम 31 दिसंबर को सामने आया, जब महिला बंदी ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव पूरी तरह सुरक्षित रहा और वर्तमान में मां एवं नवजात दोनों स्वस्थ हैं।