परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क बांटे जाने वाले कंडोम के पैकेट सरकारी स्कूल परिसर में फेंक दिए गए।
दुर्ग . परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क बांटे जाने वाले कंडोम के पैकेट सरकारी स्कूल परिसर में फेंक दिए गए। कुछ शरारतियों ने इसे गुब्बारे की तरह फुलाकर कक्षाओं के दरवाजे पर बांध दिया। जब स्कूल खुला तो अज्ञात शरारतियों की इस हरकत से शिक्षकों को शर्मिन्दगी उठानी पड़ी।
विद्यार्थी सिर झुकाकर घूमते रहे और शिक्षकों को मुंह छुपाना पड़ा। उरला के सरकारी स्कूल में असामाजिक तत्वों के इस कृत्य पर पुलिस अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने जरूर इस मामले को गंभीरता से लिया है। सरकारी सप्लाई के कंडोम पैकेट स्कूल में फेंके जाने की जांच के आदेश दिए गए हैं। निकुम बीएमओ को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
दुविधा पालक भी परेशान
असामाजिक तत्वों की इस हरकत से न केवल शिक्षक परेशान हैं बल्कि पालकों के सामने भी बड़ी दुविधा है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि शर्मसार करने वाले इस कृत्य के बीच बच्चों को स्कूल भेजें या नहीं। उरला स्कूल में क्षेत्र के कुछ युवा छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराते हैं। यहां शाम को फ्री क्लास लगती है, जिसमें हाई स्कूल के विद्यार्थी पढऩे आते हैं। इन युवाओं ने भी स्कूल में कंडोम फेंके जाने की शिकायत पुलिस से की है, लेकिन अभी तक पुलिस किसी को नहीं पकड़ पाई है।
सवाल, अस्पताल से किसने दिया
सबसे बड़ा सवाल है कि सरकारी सप्लाई का कंडोम इतनी बड़ी मात्रा में किसने उपलब्ध कराया? यह मेडिकल या जनरल स्टोर्स पर नहीं मिलता है। ऐसे में आशंका है कि सरकारी अस्पताल का स्टाफ इसमें मिला है या फिर स्टाफ के परिवार की हरकत है।
सीधी बात, सीएमएचओ डॉ. सुभाष पांडेय
Q परिवार नियोजन के तहत क्या संसाधन उपलब्ध कराया जाता है?
A परिवार नियोजन के लिए गर्भ निरोधक के रूप में गोली व कंडोम पैकेट दिया जाता है।
Q पैकेट किसे दिया जाता है?
A पैकेट उन्हें दिया जाता है जो विवाह के बाद परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन नहीं कराना चाहते।
Q किनके माध्यम से वितरण किया जाता है?
A स्वास्थ्य कार्यकर्ता, प्राथमिक व सामादुयायिक अस्पताल के कर्मचारी, एएनएम।
Q उरला क्षेत्र में कुछ दिनों से सरकारी अस्पतलों में दिए जाने वाले कंडोम पड़े है। पैके ट का उपद्रवी दुरपयोग कर रहे हैं। स्कूल के दरवाजे में बैलून की तरह उपयोग किया जा रहा है।
A ऐसा नहीं होना चाहिए। केवल दपंती को देने का प्रवधान है। खुले स्थान में फेंकना भी नहीं है। इस मामले की जांच के निकुम बीएमओ करेंगे। जांच के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
शर्मसार करने वाली
उपद्रवी स्कूल के किसी भी हिस्से को नहीं छोड़ रहे है। दीवार फांदकर स्कूल में प्रवेश कर वहां स्थापित भारत माता प्रतिमा के आसपास भी छेड़छाड़ कर रहे हैं। फुलवारी और नल के लिए बनाए प्लेटफार्म को क्षतिग्रस्त कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि उपद्रवी सारा काम रात के अंधेरे में करते है। आप इन तस्वीरों से समझिए स्कूल में किस तरह की परिस्थिति बन गई होगी। जब इस तरह के पैकेट और खुले कंडोम फेंके गए। कुछ तस्वीरें तो शर्मसार करने वाली हैं जिन्हें प्रकाशित भी नहीं किया जा सकता।