Chhattisgarh Congress: दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा कभी भी हो सकती है। दरअसल सूची लगभग तैयार कर ली गई है…
Chhattisgarh Congress: छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस, संगठन को नए सिरे से धार देने की तैयारी में जुटी है। इसी के तहत एआईसीसी की निगरानी में जिला और ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। वहीं अब लंबे इंतजार के बाद दुर्ग शहर और दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द किए जाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो दोनों जिलों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है और अब केवल प्रदेश के बड़े नेताओं की अंतिम मुहर का इंतजार है। कार्यकारिणी में युवा व सक्रिय चेहरों को मौका दिए जाने की खबर है।
गौरतलब है कि प्रदेश में पहले विधानसभा और बाद में लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस ने संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं की रायशुमारी व पसंद के आधार पर पदाधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया है। इसी के तहत संगठन सृजन अभियान चलाया गया है। इसके पहले चरण में कार्यकर्ताओं ने लंबी मंत्रणा और महीनेभर में मंथन की कवायद के बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसके बाद इसी तरह की कवायद प्रदेश स्तर पर कर ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब इन संगठनों के विस्तार की बारी है। बताया जा रहा है कि संगठन के सभी महत्वपूर्ण पदों के लिए नाम तय कर लिए गए हैं और इस माह इसकी घोषणा की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों में जो कार्यकर्ता विपक्ष की भूमिका में सडक़ों पर सक्रिय रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष पदों के लिए जिन्होंने मजबूती से दावेदारी पेश की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से पद नहीं पा सके, उन्हें जिला कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर एडजस्ट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों के साथ समन्वय कर नामों का चयन किया गया है।
संगठनात्मक सूत्रों के अनुसार इस बार कार्यकारिणी को बहुत अधिक बड़ा बनाने के बजाय प्रभावी और कार्यकुशल रखने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि शहर और ग्रामीण दोनों ही कार्यकारिणी में 31 से 51 लोगों को जगह दी जा सकती है। सदस्यों की संख्या की सीमा पीसीसी ने ही पहले ही तय कर रखी है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो आगामी चुनावों में संगठन को मजबूती से पेश कर सके।